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बिहार के दो दोस्तों ने कर दिखाया कमाल! 15 की उम्र में देखा सपना, 18 में बना डाला AI ट्रैवल प्लेटफॉर्म

Success Story: बिहारशरीफ के दो युवाओं ने कम उम्र में ऐसा काम कर दिखाया है, जो आज के डिजिटल दौर में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों ने मिलकर एक AI आधारित ट्रैवल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिसका उद्देश्य यात्रियों की यात्रा योजना को आसान...

बिहार के दो दोस्तों ने कर दिखाया कमाल! 15 की उम्र में देखा सपना, 18 में बना डाला AI ट्रैवल प्लेटफॉर्म
Ramakant kumar
4 मिनट

Success Story:  सपने देखने के लिए उम्र नहीं देखी जाती और अगर इरादे मजबूत हों तो छोटे शहरों से भी बड़ी कामयाबी की कहानी लिखी जा सकती है। बिहारशरीफ के दो युवा सक्षम राज और रिषु कुमार ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। जिस उम्र में ज्यादातर छात्र सिर्फ पढ़ाई और करियर की चिंता में लगे रहते हैं, उस उम्र में इन दोनों दोस्तों ने लोगों की एक बड़ी परेशानी को समझा और उसका हल निकालने में जुट गए।


आज दोनों युवाओं का बनाया AI आधारित ट्रैवल प्लेटफॉर्म ‘KRO TRAVEL’ तेजी से चर्चा में है। खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म पर काम शुरू करने का सपना उन्होंने महज 15 साल की उम्र में देखा था और 18 साल की उम्र तक उसे हकीकत में बदल दिया।


दरअसल, इस पूरी कहानी की शुरुआत एक साधारण ट्रिप प्लान से हुई। सक्षम और रिषु जब कहीं घूमने जाने की तैयारी कर रहे थे, तब उन्हें एहसास हुआ कि घूमने से ज्यादा मुश्किल उसका प्लान बनाना होता है। कौन सी जगह बेहतर रहेगी, वहां कैसे पहुंचना है, कहां रुकना है, कितना खर्च आएगा और कौन सी जानकारी सही है — इन सभी सवालों के जवाब ढूंढने में काफी समय लग जाता था।


कई वेबसाइट खंगालनी पड़ती थीं, घंटों वीडियो देखने पड़ते थे और फिर भी पूरी जानकारी एक जगह नहीं मिलती थी। इसी परेशानी ने दोनों दोस्तों के दिमाग में एक नया आइडिया पैदा किया। उन्होंने सोचा कि क्यों न ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाए, जो यात्रियों को एक ही जगह पर पूरी ट्रैवल प्लानिंग आसान तरीके से उपलब्ध करा सके।


इसके बाद दोनों ने इस आइडिया पर गंभीरता से काम शुरू किया। महज 15 साल की उम्र में शुरू हुआ यह सफर आसान नहीं था। करीब तीन साल तक दोनों लगातार रिसर्च करते रहे। नई चीजें सीखीं, टेक्नोलॉजी को समझा और अपने आइडिया को बेहतर बनाने में जुटे रहे।


बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने देशभर के 8000 से ज्यादा पर्यटन स्थलों और शहरों की जानकारी जुटाई। उनकी कोशिश थी कि लोगों को सिर्फ इंटरनेट वाली सामान्य जानकारी नहीं, बल्कि ऐसी जानकारी मिले जो वास्तव में यात्रा के दौरान काम आए।


धीरे-धीरे उनकी मेहनत ने ‘KRO TRAVEL’ का रूप ले लिया। बाद में इस प्लेटफॉर्म से एक और को-फाउंडर जुड़े, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी क्षेत्र का अनुभव है। इसके बाद प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाया गया।


यह AI आधारित ट्रैवल प्लेटफॉर्म कुछ ही मिनटों में यात्रियों के लिए पूरा ट्रैवल प्लान तैयार करने का दावा करता है। यानी यूजर को अलग-अलग वेबसाइट पर भटकने की जरूरत नहीं पड़ती। यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही जगह पर आसानी से मिल जाती है।


आज हजारों लोग इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। बिहारशरीफ जैसे शहर से निकलकर इतनी कम उम्र में टेक्नोलॉजी की दुनिया में पहचान बनाना आसान नहीं माना जाता, लेकिन सक्षम और रिषु ने यह साबित कर दिया कि अगर सोच बड़ी हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।