बिहार में स्वास्थ्य विभाग जल्द ही 21 हजार से अधिक आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती करने जा रहा है. इनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग पद शामिल हैं. स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को रिक्तियों की जानकारी भेजते हुए भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है.
राज्य में कुल 21,698 आशा कार्यकर्ताओं की बहाली की जानी है. इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 14,409 और शहरी क्षेत्रों के लिए 7,289 पद निर्धारित किए गए हैं. विभाग ने सभी जिलों को आशा कार्यकर्ताओं की रिक्तियों की सूची भेज दी है.
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सामने आया कि कई जिलों में आशा कार्यकर्ताओं की बहाली की प्रक्रिया काफी धीमी है. इसे लेकर विभाग ने सभी जिलों को अगले दो महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है. आमतौर पर आशा कार्यकर्ता के पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी जाती है.
मुजफ्फरपुर में 511 आशा कार्यकर्ताओं की होगी बहाली
मुजफ्फरपुर जिले में भी आशा कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी. जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 264 और शहरी क्षेत्रों के लिए 247 आशा कार्यकर्ताओं की बहाली होनी है.
ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में 4,275 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं, जबकि 1,039 का चयन किया जा चुका है. वहीं शहरी क्षेत्रों में 303 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं और 56 का चयन हो चुका है. जिले में रिक्त पदों पर नई बहाली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
बिहार में करीब 98 हजार आशा कार्यकर्ता कर रहीं काम
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल पूरे बिहार में 98,598 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
आशा फैसेलिटेटर के पदों पर भी होगी भर्ती
आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आशा फैसेलिटेटर यानी पर्यवेक्षकों की भी बहाली की जाएगी. राज्य में कुल 1,104 आशा फैसेलिटेटर के पदों पर नियुक्ति होनी है. आशा फैसेलिटेटर आशा कार्यकर्ताओं के कामकाज की निगरानी करती हैं और उसकी रिपोर्ट तैयार करती हैं.
स्वास्थ्य विभाग ने नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम में शामिल हो चुके ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर भी व्यवस्था में बदलाव किया है. ऐसे क्षेत्रों में पहले से काम कर रही आशा फैसेलिटेटर को अब शहरी आशा फैसेलिटेटर के रूप में माना जाएगा. इसके तहत शहरी क्षेत्र के मानकों के अनुसार उनकी जिम्मेदारियां निर्धारित की जाएंगी.
मुजफ्फरपुर समेत राज्य के कई जिलों में आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसेलिटेटर की बहाली लंबे समय से लंबित है. स्वास्थ्य विभाग के नए निर्देश के बाद अब इन रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की तैयारी है.




