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Success Story: 60 साल की उम्र में इस शख्स ने लिख दी सफलता की कहानी, जीरो से शुरुआत और खड़ी कर दी 2100 करोड़ की कंपनी

Success Story: सीखने और कुछ नया करने की कोई उम्र नहीं होती। अगर आपके पास एक सपना है, तो उसे पूरा करने के लिए आप किसी भी उम्र में मेहनत कर सकते हैं। आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति क

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Mukesh Srivastava
4 मिनट

Success Story: सीखने और कुछ नया करने की कोई उम्र नहीं होती। अगर आपके पास एक सपना है, तो उसे पूरा करने के लिए आप किसी भी उम्र में मेहनत कर सकते हैं। आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताएंगे जिन्होंने उम्र को दरकिनार करते हुए अपने सपने को सच किया और 60 साल की उम्र में अपने व्यवसाय की शुरुआत की। इस शख्स का नाम है कृष्णदास पॉल और उनकी कहानी आपके अंदर भी उत्साह और प्रेरणा भर देगी।


कृष्णदास पॉल ने 60 साल की उम्र में एसएजे फूड (SAJ Food) की स्थापना की। उन्होंने अपनी कंपनी का नाम अपने बच्चों के पहले अक्षरों शर्मिष्ठा, अर्पण, और जयिता को मिलाकर रखा। उनकी योजना शुगर-फ्री बिस्कुट बनाने की थी, और इसके लिए उन्होंने साल 2000 में बिस्क फार्म की शुरुआत की। हालांकि, यह सफर आसान नहीं था और उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया। 2004 में कृष्णदास पॉल की फर्म को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी योजना को नया मोड़ दिया। उन्होंने ईस्टर्न इंडिया की ओर रुख किया और बिस्कुट की सात नई वैरायटी पेश की, जो स्थानीय स्वाद के हिसाब से बनाई गई थीं। 


उनकी यह रणनीति सफल रही और उनके उत्पाद को पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में बहुत पसंद किया जाने लगा। कृष्णदास पॉल की मेहनत और दूरदर्शिता ने उन्हें बिस्कुट उद्योग में एक प्रमुख स्थान दिलाया। 2020 में, कृष्णदास पॉल का निधन कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान हुआ। हालांकि, उनका योगदान और विरासत आज भी जीवित है। उनके बेटे अर्पण पॉल ने एसएजे फूड में एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी संभाली और अपने पिता के सपने को आगे बढ़ाया।


एसएजे फूड ने वित्त वर्ष 2023 का समापन 2100 करोड़ रुपये के टर्नओवर के साथ किया। इस उपलब्धि ने कंपनी को बिस्कुट उद्योग के एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया। कृष्णदास पॉल का जन्म बर्दवान के कमरकिता गांव में हुआ था। एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने अपने पिता की बिजनेस और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में शामिल होकर अपना करियर शुरू किया। उनके पिता ने यह व्यवसाय 1947 में शुरू किया था।


जब परिवार के बिजनेस का बंटवारा हुआ, तो कृष्णदास पॉल ने 1974 में अपनी खुद की कंपनी अपर्णा एजेंसी की स्थापना की। उन्होंने नेस्ले, डाबर, और रेकिट एंड कोलमैन जैसे प्रमुख ब्रांड्स के लिए डिस्ट्रीब्यूशन शुरू किया। इसके बाद, 2000 में उन्होंने बिस्क फार्म की स्थापना की, जो अब पांच कारखानों के साथ ब्रिटानिया के बाद ईस्ट इंडिया में दूसरा सबसे बड़ा बिस्कुट ब्रांड बन चुका है।


कृष्णदास पॉल की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जिन्होंने अभी तक अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम नहीं बढ़ाया है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि कोई भी सपना उम्र की सीमा से परे होता है, अगर आपके पास उसकी प्राप्ति के लिए संघर्ष और कड़ी मेहनत हो। कृष्णदास पॉल की जीवन यात्रा यह दिखाती है कि अगर आपने ठान लिया तो सफलता किसी भी उम्र में हासिल की जा सकती है।

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