ब्रेकिंग
टर्बुलेंस के बाद Air India का बड़ा फैसला, अब सभी पायलटों की होगी अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंगखरगे के मंच पर गंगाजल छिड़कने और ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ पर सियासी घमासान, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामनेभरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी, सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलानसुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ में जानलेवा हमला, निहंग सिख ने कृपाण से किया अटैकपटना के 29 वार्डों की करीब 400 योजनाओं को मिली प्रशासनिक स्वीकृति, सड़क-नाला से लेकर सामुदायिक भवन तक होंगे कामटर्बुलेंस के बाद Air India का बड़ा फैसला, अब सभी पायलटों की होगी अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंगखरगे के मंच पर गंगाजल छिड़कने और ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ पर सियासी घमासान, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामनेभरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी, सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलानसुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ में जानलेवा हमला, निहंग सिख ने कृपाण से किया अटैकपटना के 29 वार्डों की करीब 400 योजनाओं को मिली प्रशासनिक स्वीकृति, सड़क-नाला से लेकर सामुदायिक भवन तक होंगे काम

देशभर में 1 अप्रैल से लागू होंगे नए श्रम कानून, सैलरी, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा में बड़े बदलाव; क्या होगा असर?

New Labour Codes: 1 अप्रैल 2026 से नए श्रम कानून लागू होंगे. कर्मचारियों के वेतन, ओवरटाइम, काम के घंटे और सामाजिक सुरक्षा में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. इसमें असंगठित क्षेत्र और गिग वर्कर्स भी शामिल होंगे.

New Labour Codes
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

New Labour Codes: 1 अप्रैल 2026 से देश में नए श्रम कानून लागू होने जा रहे हैं, जो कर्मचारियों की सैलरी, ओवरटाइम, काम के घंटे और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल देंगे। केंद्र सरकार ने चारों लेबर कोड के नियम लगभग तैयार कर लिए हैं, जो करोड़ों कर्मचारियों और कंपनियों दोनों पर सीधा असर डालेंगे।


चार नए लेबर कोड — वेतन, सोशल सिक्योरिटी, इंडस्ट्रियल रिलेशन और ऑकुपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन — को 44 पुराने लेबर कानूनों को एक सरल ढांचे में समेटने के लिए बनाया गया है। इन कोड्स को 21 नवंबर 2025 से नोटिफाई किया गया था और सुझावों के बाद जनवरी 2026 में इनके क्रियान्वयन के नियमों को अंतिम रूप दिया गया।


नए कानूनों के तहत काम के मानक घंटे 8 घंटे प्रतिदिन और 48 घंटे साप्ताहिक रहेंगे, लेकिन फ्लेक्सिबल वर्किंग कल्चर और ओवरटाइम के विकल्प दिए गए हैं। ओवरटाइम की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय श्रम प्रैक्टिस के अनुरूप होगी, जिससे कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को लचीलापन मिलेगा।


सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है। मार्च 2026 तक सरकार सामाजिक सुरक्षा लाभ 100 करोड़ श्रमिकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर और स्वरोजगार करने वाले लोग भी शामिल होंगे।


नए लेबर कोड में पारदर्शिता और श्रमिक संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। सभी कर्मचारियों को अपॉइंटमेंट लेटर देना अनिवार्य होगा। समान काम के लिए समान वेतन और महिलाओं के लिए समान अवसर की व्यवस्था की गई है। 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों को वार्षिक मुफ्त स्वास्थ्य जांच का अधिकार भी मिलेगा।


ओवरटाइम को रेगुलराइज्ड किया गया है ताकि उद्योग काम के उतार-चढ़ाव को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर सकें, और अतिरिक्त घंटों के लिए श्रमिकों को उचित मुआवजा मिल सके। यह संतुलित दृष्टिकोण नौकरी देने वालों और लेने वालों दोनों के लिए लाभकारी है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता