NEET छात्रा मौत मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस: SSP बोले नो कमेंट्स, केस अब CBI के पास

पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने 15 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। IG जितेंद्र राणा ने बताया कि केस अब CBI को सौंपा गया है। पत्रकारों के सवालों पर SSP कार्तिकेय शर्मा ने ‘नो कमेंट्स’ कहा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 04, 2026, 5:20:54 PM

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- फ़ोटो social media

PATNA: पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बुधवार को पुलिस अधिकारियों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें IG जितेंद्र राणा, SP कार्तिकेय शर्मा, अन्नू कुमारी, सिटी एसपी परिचय कुमार मौजूद थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस करीब 15 मिनट चली, जिसमें पुलिस अधिकारियों ने सिर्फ अपने बयानों को रखा। लेकिन जब पत्रकारों के सवाल किया तो जवाब देने के बजाय SSP कार्तिकेय शर्मा ने ‘नो कमेंट्स’ कहा। अंत में IG जीतेन्द्र राणा ने कहा कि इस केस की जांच CBI को सौंपी गई है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होते ही सभी पुलिस अधिकारी वहां से निकल गये। मीडिया कर्मियों ने बाहर भी सवाल किए, लेकिन अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। पुलिस अधिकारियों ने ना तो प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सवालों को जवाब दिये और ना ही बाहर ही कुछ कहा..सभी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब किसी प्रश्न का जवाब देना ही नहीं था तब प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों बुलाई गयी? 


SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सबसे पहले पीड़िता के परिवार को घटना की जानकारी दी गई थी। प्रारंभिक जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिले, जिससे यौन हिंसा की आशंका जताई गई। हालांकि परिवार ने केस दर्ज कराने से इनकार किया था। हॉस्टल के DVR को सीज कर जांच की गई। पुलिस ने बताया कि 5 जनवरी को छात्रा अपनी एक दोस्त के साथ कमरे में गई थी, केवल दो मिनट के बाद बाहर आई और फिर अपने कमरे से बाहर नहीं निकली। 


6 जनवरी को हॉस्टल में नाश्ते के लिए आवाज देने पर वह उत्तर नहीं दी। हॉस्टल स्टाफ ने दरवाजा खोला और उसे बेहोश पाया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने 18 लोगों के DNA सैंपल लिए, लेकिन कोई मिलान नहीं हुआ। इसके बाद राज्य सरकार ने CBI जांच की अनुशंसा की। पीड़ित परिवार से DGP ने अपने आवास पर मुलाकात की। परिवार का आरोप था कि उन पर दबाव बनाया गया। इस घटना के बाद लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के जज के अंडर में मामले की जांच की मांग की जा रही है।