दुनिया के कुछ देशों में कंडोम की कीमत इतनी ज्यादा है कि लोग इसे खरीदने से पहले कई बार सोचने पर मजबूर हो जाते हैं। कहीं आर्थिक संकट वजह बना, तो कहीं भारी टैक्स और आयात शुल्क ने इसकी कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला इसका सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। आर्थिक संकट के दौर में यहां एक पैकेट कंडोम की कीमत करीब 750 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई थी, यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 60 हजार रुपये। उत्पादन की कमी और महंगे आयात शुल्क के कारण यह आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गया था।
ज़िम्बाब्वे में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे। 2008-09 की आर्थिक मंदी और रिकॉर्ड मुद्रास्फीति के दौरान कंडोम इतने महंगे हो गए थे कि उनकी कीमत छोटे टीवी से भी ज्यादा बताई गई। कई लोगों को इसे काले बाजार से खरीदना पड़ा।
यूरोप के देशों में भी कंडोम सस्ते नहीं हैं। स्विट्जरलैंड, नॉर्वे और डेनमार्क जैसे देशों में भारी टैक्स और ऊंची जीवनशैली के कारण ब्रांडेड कंडोम काफी महंगे बिकते हैं। स्विट्जरलैंड में 10 कंडोम के पैकेट की कीमत 8 से 12 डॉलर तक पहुंच जाती है, जबकि नॉर्वे में इसकी कीमत 10 से 15 डॉलर तक देखी गई है। हालांकि कुछ देशों में सरकार मुफ्त कंडोम भी उपलब्ध कराती है।
जापान में सामान्य कंडोम ज्यादा महंगे नहीं माने जाते, लेकिन अल्ट्रा-थिन और प्रीमियम डिजाइन वाले कंडोम की कीमत 15 से 20 डॉलर तक पहुंच जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, टैक्स, आयात शुल्क, उत्पादन लागत और आर्थिक स्थिति किसी भी देश में कंडोम की कीमत तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। कई देशों में यह अब केवल स्वास्थ्य उत्पाद नहीं, बल्कि महंगा लाइफस्टाइल प्रोडक्ट बनता जा रहा है।

