ब्रेकिंग
बिहार में SHO समेत 10 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, DIG के एक्शन से पुलिस महकमे में हड़कंप; DGP के निर्देश पर हुई कार्रवाईपूर्वी चंपारण में वाटर पार्क भूमि अधिग्रहण पर विवाद बढ़ा, सांसद सुधाकर सिंह ने ट्रैक्टर चलाकर जताया विरोधबिहार के इस जिले में वर्षों से जमे 450 कर्मियों का एक साथ तबादला, DM के फैसले से हड़कंपहाईटेंशन तार की चपेट में आए मकान मालिक समेत तीन लोग, निर्माण कार्य के दौरान हुआ बड़ा हादसाहर्ष फायरिंग केस में दोषी BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर फैसला सुरक्षित, शनिवार को आएगा कोर्ट का अंतिम निर्णय; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?बिहार में SHO समेत 10 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, DIG के एक्शन से पुलिस महकमे में हड़कंप; DGP के निर्देश पर हुई कार्रवाईपूर्वी चंपारण में वाटर पार्क भूमि अधिग्रहण पर विवाद बढ़ा, सांसद सुधाकर सिंह ने ट्रैक्टर चलाकर जताया विरोधबिहार के इस जिले में वर्षों से जमे 450 कर्मियों का एक साथ तबादला, DM के फैसले से हड़कंपहाईटेंशन तार की चपेट में आए मकान मालिक समेत तीन लोग, निर्माण कार्य के दौरान हुआ बड़ा हादसाहर्ष फायरिंग केस में दोषी BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर फैसला सुरक्षित, शनिवार को आएगा कोर्ट का अंतिम निर्णय; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?

EPFO के नए नियम लागू: अब PF योगदान की अधिकतम सीमा 1,800 रुपये तय, एडवांस निकासी में भी बदलाव

EPF Scheme 2026: EPFO ने नए नियमों के तहत PF योगदान की अधिकतम सीमा 1,800 रुपये तय कर दी है और EPF Scheme 2026 में एडवांस निकासी के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है।

EPF Scheme 2026
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

EPF Scheme 2026: एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। केंद्र सरकार ने EPF Scheme, 2026 को अधिसूचित (नोटिफाई) कर दिया है। नए नियमों के तहत अब अनिवार्य पीएफ योगदान की अधिकतम सीमा 1,800 रुपये प्रति माह होगी, जो 15,000 रुपये की वैधानिक (Statutory) बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत है।


नए नियमों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 1 लाख रुपये या उससे अधिक भी है, तब भी कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों की ओर से अनिवार्य पीएफ योगदान केवल 1,800-1,800 रुपये ही होगा। इससे अधिक योगदान पूरी तरह स्वैच्छिक (Voluntary) रहेगा।


क्या बदलेगा?

अब तक कई कंपनियां कर्मचारियों की वास्तविक बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत पीएफ में जमा करती थीं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 45,000 रुपये थी तो हर महीने 5,400 रुपये पीएफ में जमा होते थे और उतनी ही राशि कंपनी भी जमा करती थी।


हालांकि, नए नियम लागू होने के बाद कंपनियां कानूनी रूप से केवल 1,800 रुपये तक ही अनिवार्य योगदान करने की बाध्य होंगी। यदि कर्मचारी इससे अधिक राशि जमा करना चाहता है, तो वह स्वैच्छिक योगदान कर सकता है, लेकिन उस अतिरिक्त राशि में नियोक्ता का योगदान देना अनिवार्य नहीं होगा।


कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

इस बदलाव का कर्मचारियों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का प्रभाव पड़ सकता है। अनिवार्य पीएफ कटौती कम होने से कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी बढ़ सकती है। वहीं, यदि कर्मचारी स्वैच्छिक रूप से अतिरिक्त योगदान नहीं करते हैं, तो रिटायरमेंट के समय उनके पीएफ फंड में पहले की तुलना में कम राशि जमा होगी। ऐसे कर्मचारी जो रिटायरमेंट के बाद अधिक बचत चाहते हैं, उन्हें अब अपनी ओर से अतिरिक्त स्वैच्छिक योगदान करना होगा।


PF पर मिलेगा 8.25% ब्याज

फिलहाल EPFO अपने सदस्यों को 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दे रहा है, जो कई सरकारी बचत योजनाओं की तुलना में अधिक है। ऐसे में विशेषज्ञ भी रिटायरमेंट फंड बढ़ाने के लिए स्वैच्छिक पीएफ योगदान को लाभकारी मानते हैं।


एडवांस निकासी के नियम भी बदले

EPF Scheme, 2026 के तहत एडवांस निकासी (Advance Withdrawal) के नियमों में भी संशोधन किया गया है। पहले सदस्य विभिन्न कारणों से 13 बार तक एडवांस निकासी कर सकते थे। अब इसे घटाकर 3 बार कर दिया गया है। एडवांस निकासी केवल आवश्यक जरूरतों, घर से जुड़े कार्यों और विशेष परिस्थितियों में ही की जा सकेगी। सदस्य पात्रता के अनुसार उपलब्ध राशि का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, लेकिन पीएफ खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखना अनिवार्य होगा।


नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। EPFO के नियमों से संबंधित अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित अधिसूचना और EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी दिशा-निर्देश अवश्य देखें।

टैग्स
रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता