1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 04, 2026, 3:09:01 PM
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gold tagging rule : सरकार ने सोने की खरीदारी से जुड़े नियमों को और सख्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका मुख्य उद्देश्य हॉलमार्किंग में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना, सोने की शुद्धता सुनिश्चित करना और ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाना है। अब देश में सोने की टैगिंग और पहचान प्रणाली को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया जा रहा है ताकि हर गहना पूरी तरह प्रमाणित और ट्रेस करने योग्य हो सके।
नए नियमों के तहत सोने के हर गहने पर Hallmark Unique Identification (HUID) कोड का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। यह 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जो हर गहने के लिए अलग और यूनिक होता है। इसका मतलब यह है कि एक बार किसी गहने पर लगाया गया HUID कोड दोबारा किसी अन्य गहने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
सरकार ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे केवल वही सोने के आभूषण खरीदें, जिन पर HUID कोड अंकित हो। इस कोड को उपभोक्ता आसानी से BIS CARE App के जरिए वेरिफाई कर सकते हैं। इस ऐप की मदद से ग्राहक यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका सोना असली है और निर्धारित मानकों के अनुसार शुद्धता रखता है या नहीं।
हॉलमार्किंग क्यों जरूरी है?
हॉलमार्किंग एक प्रमाणन प्रक्रिया है, जो सोने की शुद्धता को प्रमाणित करती है। भारत में इसे Bureau of Indian Standards (BIS) द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सोना तय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है।
हॉलमार्किंग ग्राहकों को सही जानकारी देकर समझदारी से खरीदारी करने में मदद करती है। इससे न सिर्फ उपभोक्ता सुरक्षित रहते हैं बल्कि बुलियन और ज्वेलरी मार्केट में पारदर्शिता भी बढ़ती है। हालांकि, कई मामलों में गलत हॉलमार्किंग और कम कैरेट का सोना बेचने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे ग्राहकों को नुकसान हुआ है।
नए नियम क्यों जरूरी हुए?
पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि कुछ ज्वेलर्स कम गुणवत्ता वाला सोना बेचकर या BIS मार्क का गलत इस्तेमाल करके उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहे हैं। इससे बाजार में भरोसे की कमी पैदा हुई है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल और ट्रैक करने योग्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
अब हर गहने की पहचान उसके HUID नंबर से होगी, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि वह किस ज्वेलर ने बनाया है, कब बना है और उसकी शुद्धता कितनी है। इससे किसी भी तरह की धोखाधड़ी को पकड़ना आसान होगा और जवाबदेही तय की जा सकेगी।
HUID कोड का दोबारा इस्तेमाल नहीं
नए नियमों के अनुसार, किसी भी गहने पर लगाया गया HUID कोड दोबारा उपयोग नहीं किया जा सकता। उदाहरण के लिए अगर किसी अंगूठी या चेन पर एक बार कोड लग गया है, तो वह हमेशा उसी गहने के साथ जुड़ा रहेगा। यह व्यवस्था पारदर्शिता को बढ़ाने और नकली प्रोडक्ट्स को रोकने के लिए की गई है।
खरीदारी के नए नियम
सरकार ने बड़े लेनदेन को भी सख्त निगरानी में रखा है:
2 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी पर PAN कार्ड अनिवार्य होगा
10 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी पर PAN के साथ आधार कार्ड और आय प्रमाण पत्र भी देना होगा
2 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी कैश में नहीं की जा सकेगी
इन नियमों का उद्देश्य बड़े स्तर पर हो रही अनियमितताओं और टैक्स चोरी पर रोक लगाना है।
सोने की खरीदारी से जुड़े ये नए नियम ग्राहकों की सुरक्षा और बाजार की पारदर्शिता दोनों को मजबूत करेंगे। डिजिटल ट्रैकिंग, HUID कोड और सख्त दस्तावेजी प्रक्रिया से अब सोने की खरीद पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनने जा रही है। सरकार का यह कदम उपभोक्ताओं को नकली सोने और धोखाधड़ी से बचाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।