1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 16, 2025, 11:19:58 AM
fastag ai camera - फ़ोटो Social Media
टोल कलेक्शन में अनियमितताओं की खबरों के बीच अब सरकार ने इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की निगरानी लगाने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक टोल प्लाजा पर पूरी रकम कैश में वसूली गई और इसका एक हिस्सा ऐसी हैंडहेल्ड मशीनों के जरिए प्रोसेस किया गया जो अधिकृत टोल सिस्टम से जुड़ी ही नहीं थीं। यानी गाड़ियां टोल पार कर रही थीं, पैसे कट रहे थे, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उनका कोई हिसाब नहीं था। इस गड़बड़ी के बाद केंद्र सरकार ने हाईवे टोल कलेक्शन में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
अब AI करेगा टोल सिस्टम पर निगरानी
लोकसभा में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की कि देशभर के बड़े टोल प्लाज़ा पर AI-बेस्ड ऑडिट कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे FASTag और कैश ट्रांजैक्शन पर नजर रखेंगे। ये टोल गड़बड़ियों को तुरंत पकड़ेंगे। साथ ही हर गुजरने वाली गाड़ी की संख्या और वसूले गए टोल का मिलान करेंगे।
FASTag: सफर की सुविधा या नई परेशानी?
FASTag सिस्टम को 2019 में लागू किया गया था ताकि कैश ट्रांजैक्शन खत्म हों और टोल प्लाज़ा पर लंबी कतारें न लगें। हालांकि, यह सिस्टम पूरी तरह फुल-प्रूफ नहीं है। कई यात्रियों ने गलत टोल कटने, बिना यात्रा किए पैसे कटने और बैलेंस खत्म होने पर जुर्माने जैसी समस्याओं की शिकायत की है।