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Bihar Politics: दरभंगा में गरजे मुकेश सहनी, बोले 'मल्लाह के बेटे पर कोई उंगली नहीं उठा सकता'...

Bihar Politics: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने दरभंगा जिले के बिरौल में आयोजित कुशेश्वरस्थान विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया.

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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar Politics: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने शुक्रवार को दरभंगा जिले के बिरौल में आयोजित कुशेश्वरस्थान विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, "मैं भले ही किसी और के लिए नेता हो सकता हूं, लेकिन दरभंगा के लिए मैं बेटा हूं, साथी हूं।"


मुकेश सहनी ने कहा कि वे निषाद समाज के अधिकार और पहचान के लिए पिछले 12 वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब निषादों को सिर्फ मछली मारने वाला कहा जाता था, लेकिन आज वह सरकार बनाने वाला वर्ग बन चुका है। यह परिवर्तन आपके सहयोग से ही संभव हुआ है। सहनी ने निषाद समाज से अपील की कि वे पहले अपने बच्चों को शिक्षित करें, फिर संगठित होकर संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक अधिकार नहीं मिलेंगे। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा, "अगर हमारे पूर्वज संघर्ष करते, तो आज हमें ये लड़ाई नहीं लड़नी पड़ती।"


उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और बी.पी. मंडल के योगदान को याद करते हुए कहा कि अगर उन्होंने पिछड़ों के लिए लड़ाई नहीं लड़ी होती, तो आज आरक्षण जैसी सुविधा नहीं होती। विधानसभा चुनाव की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "इस बार हमें अपनी राजनीतिक ताकत दिखानी है। सिर्फ पांच किलो अनाज नहीं, हमें आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत और उज्ज्वल भविष्य चाहिए।" उन्होंने अपील की कि जनता ऐसी सरकार चुने जो गरीबों के मुद्दों को प्राथमिकता दे, न कि केवल घोषणाओं तक सीमित रहे।


विशेषज्ञों का मानना है कि सहनी का यह बयान सीधे तौर पर निषाद समाज के वोट बैंक को मजबूत करने और राजनीतिक ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा है। दरभंगा और सीमांचल क्षेत्रों में निषाद समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है और मुकेश सहनी इस वर्ग के एकमात्र बड़े चेहरे के तौर पर उभरने की कोशिश कर रहे हैं।