Vikramshila Bridge : बिहार के बहुप्रतीक्षित विक्रमशीला ब्रिज को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर 2026 से विक्रमशीला ब्रिज का परिचालन पूरी तरह आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। लंबे समय से मरम्मत कार्य के कारण प्रभावित इस पुल के चालू होने से भागलपुर समेत सीमांचल के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
भागलपुर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पुल के पुनर्स्थापन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी निर्माण और मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि 30 नवंबर से आम जनता बिना किसी परेशानी के इस पुल का उपयोग कर सके।
पुल क्षतिग्रस्त होने पर लोगों को हुई थी भारी परेशानी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जब विक्रमशीला ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ था, तब भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया और आसपास के जिलों के लोगों को आवाजाही में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रोजाना हजारों वाहन इस पुल से गुजरते हैं और इसके प्रभावित होने से आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई थीं।
उन्होंने बताया कि हालात को देखते हुए सरकार ने तत्काल कदम उठाया और भारतीय सेना की मदद से अस्थायी बेली ब्रिज तैयार कराया, ताकि यातायात पूरी तरह बंद न हो और लोगों की आवाजाही किसी तरह जारी रह सके। इस व्यवस्था ने आपातकालीन स्थिति में लोगों को काफी राहत पहुंचाई।
126 करोड़ रुपये से तेज हुई मरम्मत
मुख्यमंत्री ने बताया कि अस्थायी समाधान के साथ-साथ सरकार ने स्थायी व्यवस्था पर भी तेजी से काम शुरू किया। पथ निर्माण विभाग के साथ कई दौर की समीक्षा बैठकों के बाद पुल की मरम्मत और पुनर्स्थापन के लिए 126 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
उन्होंने कहा कि इस राशि से पुल की संरचना को मजबूत करने, आवश्यक तकनीकी सुधार करने और भविष्य में सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो और तय समय पर परियोजना पूरी की जाए।
30 नवंबर से पूरी क्षमता के साथ शुरू होगा परिचालन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि 30 नवंबर 2026 तक पुल का हर आवश्यक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद विक्रमशीला ब्रिज को पूरी क्षमता के साथ आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणा नहीं कर रही, बल्कि समयबद्ध तरीके से काम पूरा कराने के लिए लगातार निगरानी भी कर रही है। संबंधित विभागों को नियमित समीक्षा करने और निर्माण कार्य में तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
भागलपुर और सीमांचल की बदलेगी तस्वीर
विक्रमशीला ब्रिज के पूरी तरह चालू होने के बाद भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और सीमांचल के अन्य जिलों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्षों से इस पुल पर निर्भर लाखों लोगों को अब लंबा चक्कर लगाने या ट्रैफिक जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर क्षेत्र के व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन पर भी पड़ेगा। मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होने से व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, वहीं स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा होगा।
सड़क और पुलों के विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार राज्यभर में सड़क और पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, तेज और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि राज्य में कई महत्वपूर्ण पुलों और सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन कार्य तेजी से चल रहा है। विक्रमशीला ब्रिज का समय पर शुरू होना भी इसी दिशा में सरकार की एक बड़ी उपलब्धि होगी।
लोगों को राहत का इंतजार
विक्रमशीला ब्रिज बिहार के सबसे महत्वपूर्ण पुलों में गिना जाता है। यह गंगा नदी के दोनों किनारों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है और प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इससे गुजरते हैं। ऐसे में इसके पूरी तरह चालू होने का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था।
अब मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि निर्धारित समय पर पुल का काम पूरा होगा और 30 नवंबर 2026 से एक बार फिर विक्रमशीला ब्रिज पर सामान्य आवागमन शुरू हो जाएगा। इससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि भागलपुर और सीमांचल के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।





