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CM के कमांडो की पत्नी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 12 लाख की ठगी, नालंदा से दो साइबर ठग गिरफ्तार

Bihar Cyber Fraud: नालंदा से साइबर ठगी के एक बड़े मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। आरोप है कि डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लाखों रुपये की ठगी की गई थी। पंजाब पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई करते हुए मामले की जांच...

CM के कमांडो की पत्नी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 12 लाख की ठगी, नालंदा से दो साइबर ठग गिरफ्तार
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Cyber Fraud News: पंजाब के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक कमांडो की पत्नी से ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 12 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो कथित सदस्यों को पंजाब पुलिस ने बिहार के नालंदा जिले से गिरफ्तार किया है. पंजाब पुलिस ने लहेरी थाना पुलिस के सहयोग से बिहारशरीफ में छापेमारी कर दोनों आरोपितों को दबोचा. प्रारंभिक जांच में इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला होने की बात सामने आई है. 


गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बिहारशरीफ के भैंसासुर मोहल्ला निवासी मुकेश कुमार और अस्पताल मोड़ निवासी विशाल भारती के रूप में हुई है. दोनों के खिलाफ पंजाब के पटियाला साइबर थाना में दर्ज मामले के आधार पर कार्रवाई की गई.


पटियाला साइबर थाना के सब इंस्पेक्टर मनदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 में साइबर अपराधियों ने मुख्यमंत्री के कमांडो की पत्नी मनजीत कौर को खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाया था. ठगों ने कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हुए उनसे 12 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए. शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें ठगी की रकम बिहारशरीफ के इन दोनों आरोपितों के बैंक खातों में पहुंचने का खुलासा हुआ.


पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी दिल्ली जाकर साइबर ठगों के बड़े नेटवर्क के संपर्क में रहते थे. वे गिरोह को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी. बाद में रकम अलग-अलग माध्यमों से निकालकर गिरोह तक पहुंचाई जाती थी. इसके बदले दोनों को ठगी गई राशि का करीब दो प्रतिशत कमीशन मिलता था. पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनसे कई अहम सुराग मिले हैं.


जांच में यह भी पता चला है कि इस साइबर गिरोह की गतिविधियां केवल पंजाब या बिहार तक सीमित नहीं हैं. गिरोह के तार दिल्ली, कोलकाता और जामताड़ा समेत कई राज्यों से जुड़े मिले हैं. इस मामले में पुलिस पहले ही कुछ अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है. साइबर सेल में दर्ज शिकायतों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क अब तक देशभर में करीब पांच करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है.


सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पंजाब पुलिस की टीम दोनों आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ पंजाब ले गई है. पुलिस अब गिरोह के मास्टरमाइंड, बैंक खातों के नेटवर्क और ठगी की पूरी रकम के लेनदेन की जांच कर रही है.