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Railway New Rule : रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव! अब मोबाइल से बनेगा ड्यूटी पास, ऑफिस के चक्कर खत्म

रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रेलवे बोर्ड ने 15 जुलाई से ड्यूटी चेक पास जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी है। अब नए ड्यूटी पास केवल HRMS और RailOne ऐप के जरिए जारी होंगे। इससे कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने प

Railway New Rule
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Tejpratap
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4 मिनट

Railway New Rule : रेलवे कर्मचारियों के लिए ड्यूटी चेक पास जारी करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हो गई है। रेलवे बोर्ड ने देशभर के सभी रेलवे जोनों में फिजिकल ड्यूटी चेक पास की व्यवस्था समाप्त करते हुए निर्देश जारी किया है कि अब नए ड्यूटी चेक पास केवल एचआरएमएस (Human Resource Management System) के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे। यह नई व्यवस्था 15 जुलाई से लागू कर दी गई है। इससे कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी।


रेलवे बोर्ड की ओर से जारी निर्देश सभी रेलवे जोनों के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारियों (PCPO) को भेज दिए गए हैं। बोर्ड का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से ड्यूटी पास जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और कर्मचारियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।


पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद लिया गया फैसला

रेलवे बोर्ड ने नवंबर 2024 में एचआरएमएस के ड्यूटी पास मॉड्यूल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था। इस दौरान कर्मचारियों को ऑनलाइन ड्यूटी चेक पास उपलब्ध कराया गया और इसके जरिए टिकट बुकिंग की सुविधा भी दी गई। पायलट प्रोजेक्ट के सफल संचालन और सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब इसे पूरे भारतीय रेलवे में स्थायी रूप से लागू कर दिया गया है।

पहले विशेष परिस्थितियों और महत्वपूर्ण परिचालन कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए फिजिकल ड्यूटी पास जारी करने की अनुमति थी, लेकिन अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद भविष्य में सभी नए ड्यूटी चेक पास केवल डिजिटल माध्यम से ही जारी किए जाएंगे।


RailOne ऐप से भी मिलेगी सुविधा

रेलवे ने एचआरएमएस के ड्यूटी पास मॉड्यूल को रेलवन (RailOne) मोबाइल ऐप से भी जोड़ दिया है। इसके जरिए कर्मचारी अपने मोबाइल फोन से ही ड्यूटी चेक पास प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा उन्हें अनारक्षित (Unreserved) टिकट बुक करने की सुविधा भी मिलेगी। इससे कर्मचारियों को टिकट काउंटर या कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हालांकि, रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई से पहले जारी किए गए सभी फिजिकल ड्यूटी चेक पास उनकी निर्धारित वैधता अवधि तक मान्य रहेंगे। इसके बाद केवल डिजिटल ड्यूटी पास ही मान्य होंगे।


रेलवे बोर्ड ने जारी किया आधिकारिक आदेश

इस संबंध में रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (पे कमीशन एवं एचआरएमएस) जया कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को आधिकारिक आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी तथा रेलवे बोर्ड के वाणिज्य निदेशालय की सहमति के बाद लागू किया गया है। सभी रेलवे जोनों को नई व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ

नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों को ड्यूटी पास बनवाने के लिए अलग-अलग कार्यालयों में आवेदन देने या लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। वे एचआरएमएस पोर्टल या रेलवन ऐप के माध्यम से कुछ ही मिनटों में ड्यूटी चेक पास प्राप्त कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया भी काफी आसान हो जाएगी।


फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, खर्च भी होगा कम

रेलवे का मानना है कि डिजिटल ड्यूटी पास व्यवस्था लागू होने से फर्जी पास बनाने, पास खोने या क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याएं लगभग समाप्त हो जाएंगी। प्रत्येक ड्यूटी पास का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे सत्यापन, निगरानी और ऑडिट की प्रक्रिया पहले से अधिक प्रभावी होगी। इसके साथ ही कागज की खपत में कमी आएगी, प्रशासनिक खर्च घटेगा और रेलवे अधिकारियों को रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा भी मिलेगी। रेलवे बोर्ड का मानना है कि यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूत करने के साथ-साथ कर्मचारियों को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।