ब्रेकिंग
सपने में माता रानी के आने का दावा, मंदिर में समाधि लेने के लिए गड्ढा खुदवाने से मचा हड़कंप✦जमुई में शराब के नशे में फायरिंग, 75 वर्षीय बुजुर्ग की जांघ में लगी गोली; पटना रेफर✦'गाना नहीं गा पा रहे, लोगों को बेवकूफ क्यों बना रहे हो?' दलेर मेहंदी पर भड़के उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल✦मधेपुरा में दो जगह होगा रावण वध, दशहरा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की नजर✦बिहार में शराबबंदी की फिर खुली पोल, चिमनी भट्ठे के तहखाने से 1391 लीटर शराब बरामद✦सपने में माता रानी के आने का दावा, मंदिर में समाधि लेने के लिए गड्ढा खुदवाने से मचा हड़कंप✦जमुई में शराब के नशे में फायरिंग, 75 वर्षीय बुजुर्ग की जांघ में लगी गोली; पटना रेफर✦'गाना नहीं गा पा रहे, लोगों को बेवकूफ क्यों बना रहे हो?' दलेर मेहंदी पर भड़के उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल✦मधेपुरा में दो जगह होगा रावण वध, दशहरा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की नजर✦बिहार में शराबबंदी की फिर खुली पोल, चिमनी भट्ठे के तहखाने से 1391 लीटर शराब बरामद

वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी, इन जिलों में लगाया जा रहा हूटर; 48 घंटे में 30 लोगों की गई जान

PATNA : बिहार में मौसम विभाग की तरफ से बारिश और व्रजपात को लेकर लगातार अलर्ट जारी किया जा रहा है। पिछले डेढ़ महीने में मौसम विभाग के तरफ से 24 दिन व्रजपात इस बात को लेकर अलर्ट जारी

वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी, इन जिलों में लगाया जा रहा हूटर;  48 घंटे में 30 लोगों की गई जान
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : बिहार में मौसम विभाग की तरफ से बारिश और व्रजपात को लेकर लगातार अलर्ट जारी किया जा रहा है। पिछले डेढ़ महीने में मौसम विभाग के तरफ से 24 दिन व्रजपात इस बात को लेकर अलर्ट जारी किया जा चुका है। लेकिन इसके बावजूद अब तक 78 लोगों की जानें जा चुकी है। पिछले 48 घंटे में 30 लोगों की जान गई है। अब इसी को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में हूटर की व्यवस्था शुरू की है।


दरअसल, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विभाग ने पिछले कुछ दिनों से व्रजपात से मौत की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए राज्य के कुछ प्रमुख जिलों में हूटर लगाने की व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत प्रथम चरण में गया औरंगाबाद के प्रखंडों में 24 जगह हूटर लगाया गया है। इसके साथ ही है रोहतास नवादा दरभंगा पूर्वी चंपारण पूर्णिया खगड़िया में सेंसर लगा है। पटना में भी दो स्थानों पर सेंसर लगाया गया है इससे ठनका और मेघ गर्जना की जानकारी मिलती है।