Bihar News: महाराष्ट्र के पुणे में मजदूरी करने गए वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र के चांदपुरा गांव निवासी 22 वर्षीय सिकंदर कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. सोमवार को सिकंदर का शव पैतृक गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर करीब चार घंटे तक आवागमन बाधित कर दिया और नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे.
मृतक के परिजनों के अनुसार, सिकंदर करीब छह महीने पहले गांव के ही ठेकेदार विनोद साह के साथ मजदूरी करने पुणे गया था. वहां काम के दौरान किसी बात को लेकर ठेकेदार विनोद साह और उसके साले अनिल कुमार के साथ सिकंदर का विवाद हुआ था.
परिजनों का आरोप है कि विवाद के बाद अनिल कुमार ने हथौड़े से सिकंदर के सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी. परिजनों ने इस मामले में ठेकेदार विनोद साह और उसके साले अनिल कुमार को जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई की मांग की है.
सोमवार को सिकंदर का शव जैसे ही चांदपुरा गांव पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जुट गए. शव को सड़क पर रखकर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब तक नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक सिकंदर का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
सड़क जाम की वजह से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही करीब चार घंटे तक प्रभावित रही. सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया.
ग्रामीणों को समझाने पहुंचे मुखिया की भी पिटाई
स्थिति को शांत कराने पहुंचे पंचायत के मुखिया को भी आक्रोशित लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. भीड़ ने मुखिया की पिटाई कर दी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. बाद में अतिरिक्त पुलिस बल और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित किया गया.
पुलिस ने सिकंदर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पुणे में हुई घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है. परिजन नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं.
परिजनों और ग्रामीणों ने मामले में जल्द कार्रवाई के साथ-साथ मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की है.





