Hindi News / bihar / vaishali-news / Bihar News : बड़ा रेल हादसा टला! खुले फाटक पर 10 मिनट...

Bihar News : बड़ा रेल हादसा टला! खुले फाटक पर 10 मिनट तक हॉर्न बजाता रहा लोको पायलट,गेटमैन हुआ गायब; रेलवे ने लिया एक्शन

हाजीपुर के घटारो हॉल्ट के पास रविवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया जब वैशाली-कोडरमा फास्ट पैसेंजर ट्रेन (63383) को खुले रेलवे फाटक के कारण रोकना पड़ा। गेटमैन की अनुपस्थिति और लापरवाही से सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे, जिसके बाद रेलवे ने कार्रवाई करते हुए

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 05, 2026, 1:26:55 PM

Bihar News : बड़ा रेल हादसा टला!  खुले फाटक पर 10 मिनट तक हॉर्न बजाता रहा लोको पायलट,गेटमैन हुआ गायब; रेलवे ने लिया एक्शन

- फ़ोटो

Bihar News : हाजीपुर (वैशाली) के घटारो हॉल्ट के पास रविवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। वैशाली से कोडरमा जाने वाली ट्रेन संख्या 63383 (फास्ट पैसेंजर) को उस समय लगभग 10 मिनट तक रोकना पड़ा, जब रेलवे फाटक खुला हुआ पाया गया और वहां कोई गेटमैन मौजूद नहीं था। इस गंभीर लापरवाही ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


यह घटना पूर्व मध्य रेल के हाजीपुर मंडल अंतर्गत घटारो हॉल्ट के समीप नामीडीह से करताहां जाने वाली सड़क पर स्थित रेलवे फाटक संख्या 8C पर सुबह करीब 6:15 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन जैसे ही फाटक के नजदीक पहुंची, चालक ने देखा कि फाटक खुला हुआ है और कोई भी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं है। इसके बाद ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया और लगातार हॉर्न बजाकर आसपास के लोगों को सतर्क किया गया।


ट्रेन के रुकने के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फाटक खुला होने की वजह से किसी भी समय बड़ा सड़क-रेल हादसा हो सकता था, क्योंकि यह मार्ग गांवों और स्थानीय आवागमन के लिए काफी व्यस्त माना जाता है।


स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए ट्रेन में मौजूद रेलवे के दो कर्मचारियों ने साहसिक कदम उठाया। दोनों कर्मचारी तुरंत ट्रेन से नीचे उतरे और मौके पर पहुंचकर रेलवे फाटक को खुद बंद किया। इसके बाद ही ट्रेन को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सका। अगर समय रहते यह कदम नहीं उठाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।


घटना के बाद आसपास के इलाके में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने रेलवे की इस लापरवाही पर नाराजगी जताई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि अगर गेटमैन मौजूद नहीं था तो ऐसी स्थिति में ट्रेनों की आवाजाही को कैसे नियंत्रित किया जा रहा है, यह चिंता का विषय है।


इस पूरी घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा प्रणाली की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। खासकर ग्रामीण इलाकों में स्थित अनमैन्ड या सीमित स्टाफ वाले रेलवे फाटकों पर इस तरह की घटनाएं गंभीर खतरे का संकेत देती हैं।


इस मामले पर रेलवे के PWI प्रमोद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि वैशाली-कोडरमा फास्ट पैसेंजर ट्रेन प्रतिदिन सुबह 5:15 बजे वैशाली से चलकर लालगंज, हाजीपुर होते हुए कोडरमा जाती है। उन्होंने बताया कि लालगंज के पंचदमिया स्थित फाटक संख्या 8C पर गेटकीपर दिव्यांशु कुमार की ड्यूटी थी, लेकिन वह लगभग 15 मिनट देर से पहुंचा, जिसके कारण फाटक खुला रह गया।


प्रमोद कुमार ने आगे बताया कि गेटकीपर की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो सके।


हालांकि रेलवे अधिकारियों का यह भी कहना है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, यदि किसी फाटक पर स्थिति संदिग्ध हो तो ट्रेन को रोककर सुनिश्चित किया जाता है कि फाटक सुरक्षित रूप से बंद हो, तभी आगे बढ़ाया जाए। इसी कारण इस घटना में किसी बड़े हादसे से बचाव हो सका।


यह घटना एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती और कर्मचारियों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल छोड़ गई है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील फाटकों पर स्थायी निगरानी और तकनीकी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।