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मरीजों को देने के लिए दवा नहीं, अनुमंडल अस्पताल में फेंक दी गई लाखों की दवा

SUPAUL : सुपौल कुपोषण के मामले में राज्य में पहले स्थान पर है. लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य कर्मी कुछ सिखने का नाम नहीं ले रहे हैं. स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल बेहाल है. ताजा मामला त

मरीजों को देने के लिए दवा नहीं, अनुमंडल अस्पताल में फेंक दी गई लाखों की दवा
Anamika
2 मिनट

SUPAUL : सुपौल कुपोषण के मामले में राज्य में पहले स्थान पर है. लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य कर्मी कुछ सिखने का नाम नहीं ले रहे हैं. स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल  बेहाल है. 

ताजा मामला त्रिवेणीगंज अनुमंडल अस्पताल का है, जहा. लाखों की जीवन रक्षक दवा को बिना एक्सपायरी के ही फेंका जा रहा है.फेंकी जा रही दवाओं में आयरन की सिरप और स्लाइन की बोतलें है.आयरन की सिरप 2021 में एक्सपायर होंगी तो लाखों की स्लाइन की बोतलें एक्सपायर हो चुकी है.

दरअसल त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल का अपना भवन नहीं है, लिहाज़ा अस्पताल के भवन निर्माण के लिए टेंडर होने के बाद अस्पताल के नए भवन का निर्माण शुरू हुआ है. जिसको लेकर अस्पताल के पुराने जर्जर भवन को तोड़ने का कार्य चल रहा है. पुराने जर्जर अस्पताल के भवन में जो दवाइयां रखी गई थी, उसे कचरे में फेंकने का काम शुरू कर दिया गया है. वहीं त्रिवेणीगंज अस्पताल के मैनेजर से जब इस बाबत कई बार पूछा गया तो मैनेजर ने चुप्पी साध ली.लेकिन यह पहला मौका नहीं है कि त्रिवेणीगंज अस्पताल में दवा एक्सपायर हो रही है, इससे पहले भी ऐसा मामले सामने आ चुका है. 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Priya Ranjan Singh

FirstBihar संवाददाता