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तेजप्रताप यादव और सहयोगी पर FIR दर्ज: आकाश यादव की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज, जान से मारने की धमकी और जबरन घर में घुसने का गंभीर आरोप

पूर्व मंत्री और जेजेडी अध्यक्ष तेजप्रताप यादव तथा उनके सहयोगी मोतीलाल यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। छात्र राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव ने आरोप लगाया है कि दोनों ने उनके घर में जबरन घुसने की कोशिश की, परिवार

तेजप्रताप यादव और सहयोगी पर FIR दर्ज: आकाश यादव की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज, जान से मारने की धमकी और जबरन घर में घुसने का गंभीर आरोप
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA : बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निकाले जा चुके पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव तथा उनके सहयोगी मोतीलाल यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता छात्र राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव हैं, जो अनुष्का यादव के भाई हैं।

घर में घुसे तेजप्रताप

आकाश यादव ने आरोप लगाया है कि तेजप्रताप यादव और उनके सहयोगी ने 6 जून 2026 की रात उनके पाटलिपुत्र स्थित आवास पर जबरन घुसने की कोशिश की, परिवार के सदस्यों को धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का भी जिक्र किया गया है।


क्या है पूरा मामला ?

आकाश यादव के मुताबिक उस समय वे खाटू श्याम जी की यात्रा पर राजस्थान गए हुए थे। उनके अनुसार, 6 जून को तेजप्रताप यादव अपने सहयोगी मोतीलाल यादव के साथ उनके घर पहुंचे और जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। परिवारवालों ने विरोध किया तो उन्हें गाली-गलौज का सामना करना पड़ा और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। 


किससे मिलने ये थे तेजप्रताप

आकाश यादव का आरोप है कि यह घटना उनकी भांजी उज्जैनी से मिलने के लिए की गई थी और परिवार में भय का माहौल बनाया गया।यात्रा से लौटने के बाद आकाश यादव को 10 जून को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने उसी दिन पाटलिपुत्र थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज न होने पर उन्होंने पटना सिविल कोर्ट का रुख किया।


 अदालत के निर्देश पर पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली।प्राथमिकी में धारा के तहत आपराधिक घरेलू घुसपैठ, धमकी, जान से मारने की धमकी और भय का माहौल बनाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।


पुलिस की प्रतिक्रिया

पाटलिपुत्र थानाध्यक्ष ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद प्रारंभिक जांच में मामला दर्ज करने योग्य पाया गया, इसलिए एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब सभी पक्षों के बयान दर्ज करेगी, घटनास्थल के साक्ष्य जुटाएगी, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स की जांच करेगी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।


तेजप्रताप यादव की सफाई 

तेजप्रताप यादव ने आरोपों से इनकार करते हुए इसे “झूठी और मनगढ़ंत” प्राथमिकी बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि शिकायतकर्ता को पहले ही अभद्र, अपमानजनक, धमकी भरे और असामाजिक व्यवहार के लिए कानूनी नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने माफी मांगने की बजाय प्रतिशोध में यह कदम उठाया। तेजप्रताप ने भरोसा जताया कि “सत्य की विजय अवश्य होगी।


 यह मामला तेजप्रताप यादव और अनुष्का यादव के बीच लंबे समय से चल रहे व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा है, जिसमें उनकी बेटी उज्जैनी का भी मुद्दा शामिल है। आकाश यादव ने इसे अपनी बहन और परिवार की गरिमा की रक्षा से जोड़ा है।बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस घटना की चर्चा तेज है। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे होने के नाते तेजप्रताप यादव पर ऐसे आरोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जा रहे हैं। वहीं, आकाश यादव छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं और पहले राजद से जुड़े रहे हैं।जांच पर सबकी नजरपुलिस अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।


पुलिस की ओर से प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। जांच के निष्कर्ष पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।यह मामला बिहार की राजनीति में व्यक्तिगत विवादों के सार्वजनिक रूप लेने का एक और उदाहरण है। आगे की अदालती और पुलिस कार्रवाई तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।