Bihar E-Challan Discount : बिहार में लंबित यातायात ई-चालान का भुगतान करने वाले वाहन मालिकों और चालकों के लिए राहत की खबर है। परिवहन विभाग ने पात्र पुराने ई-चालानों के निपटारे पर 50 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया है। इस योजना का लाभ 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लिया जा सकेगा। यानी जिन वाहन मालिकों का सामान्य यातायात उल्लंघन से जुड़ा ई-चालान लंबे समय से लंबित है, वे लोक अदालत में उसका निपटारा कराकर चालान राशि में बड़ी राहत पा सकते हैं।
31 मार्च 2026 तक के ई-चालान पर मिलेगा लाभ
परिवहन विभाग के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक के पात्र लंबित यातायात ई-चालान इस छूट योजना के दायरे में आएंगे। वाहन स्वामी और चालक राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचकर अपने पुराने ई-चालान का निपटारा करा सकते हैं। पात्र मामलों में नियमानुसार चालान की राशि पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से लंबित ई-चालानों का निपटारा करना और वाहन मालिकों को पुराने मामलों को समाप्त करने का अवसर देना है। विभाग की ओर से अधिक से अधिक वाहन मालिकों और आम नागरिकों को इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की गई है।
किन ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर मिलेगी छूट?
छूट का लाभ सभी प्रकार के ई-चालानों पर नहीं मिलेगा। योजना के तहत सामान्य प्रकृति के यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित पात्र मामलों को शामिल किया गया है। इनमें मुख्य रूप से बिना हेलमेट वाहन चलाना, बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाना और बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने जैसे मामले शामिल हैं।
इसके अलावा निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने, रेड लाइट का उल्लंघन करने और स्टॉप साइन नहीं मानने जैसे सामान्य यातायात उल्लंघनों से संबंधित पात्र ई-चालान भी योजना के दायरे में आ सकते हैं। चालक की नियुक्ति या प्राधिकरण से जुड़े सामान्य उल्लंघन भी निर्धारित शर्तों के तहत छूट के लिए पात्र हो सकते हैं।
इन ई-चालानों पर नहीं मिलेगी 50% छूट
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि वाणिज्यिक वाहनों से जुड़े ई-चालान इस योजना के तहत छूट के पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा गंभीर प्रकृति के यातायात नियमों के उल्लंघन वाले मामलों को भी छूट के दायरे से बाहर रखा गया है।इसका मतलब है कि केवल पुराने चालान का लंबित होना पर्याप्त नहीं है। छूट पाने के लिए चालान का प्रकार, उसकी तारीख और उल्लंघन की प्रकृति विभाग की निर्धारित पात्रता के अनुरूप होना जरूरी होगा।
12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में होगा निपटारा
पात्र वाहन मालिक और चालक 12 सितंबर 2026 को आयोजित तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने लंबित ई-चालान का निपटारा करा सकते हैं। इसके लिए संबंधित जिला स्तर पर लोक अदालत के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने लंबित ई-चालान की स्थिति और पात्रता की जानकारी पहले से जांच लें, ताकि लोक अदालत के दिन उन्हें परेशानी न हो। बिहार में बड़ी संख्या में वाहन मालिकों के ई-चालान लंबित बताए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार की यह पहल पुराने मामलों के निपटारे के साथ-साथ वाहन मालिकों के लिए आर्थिक राहत का भी अवसर है।
वाहन मालिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मौका?
लंबे समय से लंबित ई-चालान का भुगतान नहीं करने पर वाहन मालिकों को भविष्य में कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोक अदालत के माध्यम से पुराने पात्र मामलों का निपटारा करने पर न केवल चालान का मामला समाप्त कराने का अवसर मिलेगा, बल्कि निर्धारित नियमों के अनुसार राशि में 50 प्रतिशत तक की राहत भी मिल सकती है।परिवहन विभाग ने अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना तैयार करने और अधिक से अधिक पात्र वाहन मालिकों तक इसकी जानकारी पहुंचाने का निर्देश दिया है।
ऐसे में अगर आपका कोई यातायात ई-चालान 31 मार्च 2026 तक लंबित है, तो 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत आपके लिए महत्वपूर्ण मौका हो सकती है। हालांकि, छूट पाने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपका चालान सामान्य यातायात उल्लंघन की श्रेणी में आता है और योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करता है।




