SUPAUL: बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत गुरुवार को हवाई मार्ग से पटना से सुपौल के वीरपुर पहुंचे। उनके साथ डीजीपी विनय कुमार,एसटीएफ के डीजी कुंदन कृष्णन तथा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
वीरपुर एयरपोर्ट पर आगमन के बाद कोशी प्रमंडल के कमिश्नर राजेश कुमार,सुपौल डीएम सावन कुमार,एसपी सरथ आरएस समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात सुपौल पुलिस के जवानों द्वारा मुख्य सचिव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद मुख्य सचिव का काफिला वीरपुर स्थित 108 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन एशिया के दूसरे सबसे बड़े फिजिकल मॉडलिंग सेंटर के निरीक्षण के लिए रवाना हुआ। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मॉडल ट्रे का अवलोकन किया तथा कोसी-मेची लिंकिंग परियोजना की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।
इस दौरे के दौरान भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों की गतिविधियों को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नेपाल की वर्तमान स्थिति,सीमाई व्यापार,विधि-व्यवस्था तथा सुरक्षा चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सीमा पर चौकसी बढ़ाने,तस्करी पर सख्ती से रोक लगाने तथा तस्करी की आड़ में हो रही संवेदनशील गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही सीमा सुरक्षा बल (SSB) की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
डीएम सावन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में फिजिकल मॉडलिंग सेंटर को जल्द शुरू करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने पर विशेष चर्चा हुई। इसके अलावा वीरपुर एयरपोर्ट की भूमि स्थिति,जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में इंडो-नेपाल समन्वय बैठक,सीमा पर अतिक्रमण की स्थिति, SSB की गतिविधियां और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बिंदुवार चर्चा हुई। अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में SSB के डीआईजी मधुकर अमिताभ, डीडीसी सारा असरफ, SSB कमांडेंट गौरव सिंह, वीरपुर एसडीएम नीरज कुमार, एसडीपीओ सुरेन्द्र कुमार, मुख्यालय डीएसपी, बसंतपुर बीडीओ सुजीत कुमार मिश्रा, थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल, बीसीओ रोशन कुमार सिंह समेत कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव का यह दौरा न सिर्फ सीमाई सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है,बल्कि विकास परियोजनाओं को गति देने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। खासकर 108 करोड़ की लागत से बन रहे फिजिकल मॉडलिंग सेंटर और कोसी-मेची लिंक परियोजना पर तेजी से काम कराने के संकेत साफ नजर आए।
सुपौल से संत सरोज की रिपोर्ट





