MADHUBANI: इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के मधुबनी जिले से सामने आ रही है, जो बिहार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद से जुड़ी हुई है। मधुबनी में कथित रूप से उनके ऊपर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचा है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार खजौली थाना क्षेत्र के ठाहर गांव निवासी कृष्ण कुमार ठाकुर की हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करने के लिए मंत्री अरुण शंकर प्रसाद गांव पहुंचे थे। तभी इसी दौरान वहां मौजूद भीड़ ने कथित रूप से उनके काफिले पर हमला कर दिया।
मंत्री के प्रतिनिधि हरिश्चंद्र शर्मा ने बताया कि मंत्री के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए थे। आरोप है कि लगभग 300 से 400 महिला-पुरुषों की भीड़ ने अचानक आक्रामक रुख अपनाते हुए मंत्री को घेर लिया। कई लोगों के हाथों में लाठी-डंडे और अन्य सामान थे। उन्होंने दावा किया कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने मंत्री का गला दबाने की कोशिश की, जबकि कुछ लोगों ने गमछे से हमला करने का प्रयास किया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हमले के दौरान मंत्री के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। स्थिति बिगड़ती देख मंत्री की सुरक्षा में तैनात स्कॉर्ट टीम और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला। काफी मशक्कत के बाद सुरक्षा कर्मियों ने मंत्री को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें वाहन में बैठाकर घटनास्थल से रवाना किया। घटना के बाद मंत्री स्थानीय थाने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।





