SUPAUL: सुपौल जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र के खोंनटाहा गांव में मंगलवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने सड़क पर करीब 8 फीट लंबे मगरमच्छ को घूमते देखा। रिहायशी इलाके के बीच सड़क पर इतने बड़े मगरमच्छ को देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। देखते ही देखते पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के लिए सबसे हैरानी की बात यह थी कि मगरमच्छ कोसी नदी के किनारे से निकलकर रिहायशी इलाके के बीच सड़क तक कैसे पहुंच गया। मगरमच्छ के सड़क पर होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने वीरपुर पुलिस और वन विभाग को जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद भीमनगर और वीरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने लोगों से मगरमच्छ से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। साथ ही भीड़ को नियंत्रित करते हुए किसी को भी मगरमच्छ के पास जाने से रोक दिया गया।
वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
इसके बाद वन विभाग, वीरपुर की टीम भी मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई देखते रहे।
वन विभाग की टीम मगरमच्छ को अपने साथ ले गई। फॉरेस्ट गार्ड जय कृष्ण कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से सड़क पर मगरमच्छ के आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ को कोसी नदी में ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
बताया जाता है कि वीरपुर और आसपास का इलाका कोसी नदी के तटीय क्षेत्र में आता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2008 की कुसहा कोसी बाढ़ त्रासदी के बाद इस इलाके में मगरमच्छों की संख्या बढ़ने की बात सामने आती रही है।स्थानीय स्तर पर यह भी बताया जाता है कि इससे पहले कई बार मगरमच्छ नदी क्षेत्र से निकलकर रिहायशी इलाकों तक पहुंच चुके हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग की टीम मगरमच्छों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ती रही है।
मंगलवार को एक बार फिर रिहायशी इलाके की सड़क पर करीब 8 फीट लंबे मगरमच्छ के मिलने से ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। हालांकि, वन विभाग की तत्परता से मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया और उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने के लिए टीम अपने साथ ले गई








