1st Bihar Published by: SANT SAROJ Updated Jan 14, 2026, 10:25:24 PM
620 किलो गांजा बरामद - फ़ोटो REPORTER
SUPAUL :-- सुपौल जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी और चौंकाने वाली सफलता हाथ लगी है। सुपौल एसपी शरथ आर एस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसडीपीओ वीरपुर के नेतृत्व में वीरपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है एसपी ने बताया कि इस कार्रवाई में वीरपुर थाना क्षेत्र के शुभंकरपुर वार्ड 10 स्थित एक मक्का के खेत से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
पुलिस ने मोहम्मद गफ्फार के पुत्र अनिसुर रहमान के मक्का लगे खेत में छिपाकर रखे गए कुल 20 बोरे गांजा जब्त किए हैं। जब इन बोरों को तौला गया तो उसमें कुल 620 किलोग्राम गांजा पाया गया। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा की बरामदगी को सुपौल जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है। एसपी ने बताया कि मामले में वीरपुर थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत केश दर्ज कर ली गई है और पुलिस अग्रतर कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि यह गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।
एसपी शरथ आर एस ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि बरामद गांजा के Backward और Forward Linkage की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं,इसका नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके तार किन-किन जिलों या राज्यों से जुड़े हुए हैं। एसपी ने साफ शब्दों में कहा कि सुपौल पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशा मुक्त समाज की दिशा में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
पुलिस टीम की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की इलाके में सराहना की जा रही है। पुलिस की इस बड़ी कामयाबी के बाद नशा तस्करों में दहशत का माहौल है, वहीं आम लोग इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ निर्णायक कदम मान रहे हैं बता दें कि बरामद 620 किलोग्राम गांजा की अनुमानित कीमत 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।इस छापामारी दल में वीरपुर एसडीपीओ सुरेन्द्र कुमार, थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल, एएसआई शैलेन्द्र यादव, सिपाही सिकन्दर राय, वीरपुर थाना के सशस्त्र बल के जवान तथा सुपौल जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम शामिल थी।