Bihar Flood News: बिहार के सुपौल जिले में कोसी नदी का कटाव लगातार भयावह होता जा रहा है. किशनपुर प्रखंड की दुबियाही पंचायत स्थित बेला गोठ गांव में नदी हर दिन जमीन काट रही है, जिससे ग्रामीणों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. पिछले तीन महीनों में करीब 30 से 35 परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं, जबकि लगभग 60 परिवारों के मकानों पर अब भी खतरा मंडरा रहा है. हालात ऐसे हैं कि लोग हर पल अपने घर के नदी में समा जाने के डर के साथ जीवन बिता रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, कोसी तटबंध के अंदर बसे बेला गोठ वार्ड संख्या-6 में नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव भी लगातार तेज हो गया है. नदी की धारा गांव के करीब पहुंच चुकी है और धीरे-धीरे लोगों की जमीन, खेत और घरों को अपने आगोश में ले रही है. कई परिवारों ने अपने आशियाने खुद ही तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है ताकि जान-माल का नुकसान कम हो सके.
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों की मेहनत से बनाए गए घर, खेती की जमीन, पेड़-पौधे और गृहस्थी का सामान देखते ही देखते कोसी नदी में समा गया. हर दिन कटाव बढ़ने से पूरे गांव में दहशत का माहौल है. लोग रातभर जागकर हालात पर नजर रखते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कब नदी उनके घर तक पहुंच जाए.
सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है. कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोग रिश्तेदारों के यहां शरण लेकर किसी तरह दिन गुजार रहे हैं. खेती की जमीन नदी में कटने से किसानों की आजीविका पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कटाव की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक स्थायी कटावरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया. उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पूरा गांव कोसी नदी में समा सकता है.
बीते एक सप्ताह के दौरान राजेश मंडल, राजेंद्र साह, त्रिभुवन साह, फुलेश्वर मंडल, हरेराम मंडल, रामानंद मंडल, नवीन मंडल, श्रीनारायण मंडल, बसंत मंडल, नागोर मंडल, सत्यनारायण मंडल और भगवान मंडल समेत कई परिवार अपने घर छोड़ चुके हैं. वहीं देवराज मंडल, देवचंद मंडल, कमल मंडल, परेश मंडल सहित दर्जनों परिवारों के घर अब भी कटाव की जद में हैं.
प्रभावित ग्रामीण सरकार से तत्काल राहत, सुरक्षित पुनर्वास, उचित मुआवजा और स्थायी कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और कई परिवार बेघर हो जाएंगे.
इस मामले में अंचल अधिकारी सुशीला कुमारी ने बताया कि घर कटने की सूचना मिलने के बाद राजस्व कर्मचारी को मौके पर भेजकर जांच कराई गई है. जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि कटाव के डर से लोग अपने घरों को तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं.





