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बिहार में शिक्षकों की होगी डिजिटल मॉनिटरिंग, क्लास में क्या और कैसे पढ़ा रहे हैं अब होगी निगरानी; शिक्षा मंत्री और अधिकारी देखेंगे रिपोर्ट

Bihar Education News: बिहार शिक्षा विभाग नवंबर से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके की डिजिटल निगरानी शुरू करेगा। विशेष डैशबोर्ड के जरिए कक्षा में शिक्षण, बच्चों की भागीदारी और शिक्षकों की रिपोर्ट की मॉनिटरिंग होगी।

Bihar Education News
प्रतिकात्मक तस्वीर
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Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar Education News: बिहार शिक्षा विभाग नवंबर से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके की डिजिटल निगरानी शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एक विशेष डैशबोर्ड और आईटी सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से यह मॉनिटर किया जाएगा कि शिक्षक कक्षा में क्या पढ़ा रहे हैं और किस तरीके से पढ़ा रहे हैं।



शिक्षा विभाग के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत अतिरिक्त शिक्षकों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी। ये शिक्षक अपने जिले से बाहर के स्कूलों का दौरा करेंगे और कक्षाओं में चल रही पढ़ाई का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट विभाग के विशेष डैशबोर्ड पर अपलोड करेंगे।



शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, मॉनिटरिंग के लिए चयनित एक शिक्षक को प्रतिदिन तीन स्कूलों का भ्रमण करना होगा। निरीक्षण के दौरान वह यह देखेगा कि शिक्षक कक्षा में किस विषय और किस तरीके से पढ़ा रहे हैं। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि विद्यार्थी कक्षा में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं या नहीं और शिक्षक द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने या सवाल पूछने में उनकी रुचि कैसी है।



मॉनिटरिंग करने वाले शिक्षकों को पहले से यह जानकारी नहीं दी जाएगी कि उन्हें किस स्कूल का दौरा करना है। संबंधित स्कूल को भी मॉनिटरिंग शिक्षक के आने की पूर्व सूचना नहीं होगी, ताकि कक्षा में पढ़ाई की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।



शिक्षा विभाग इस निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाने के लिए काउंटर चेक की व्यवस्था भी कर रहा है। इसके तहत किसी स्कूल का निरीक्षण कर पहली रिपोर्ट भेजे जाने के बाद उसी स्कूल में दोबारा किसी दूसरे मॉनिटरिंग शिक्षक को भेजा जाएगा।



दूसरे शिक्षक की रिपोर्ट को पहली रिपोर्ट से मिलाया जाएगा। दोनों रिपोर्ट में समानता पाए जाने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य मॉनिटरिंग रिपोर्ट की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। शिक्षा विभाग का आकलन है कि शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग के पास कुछ अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध होंगे। इसके अलावा नई नियुक्तियां भी की जा रही हैं।



इन अतिरिक्त शिक्षकों में से चयनित शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के बाद स्कूलों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्हें अपने जिले से बाहर के विद्यालयों में भेजने की योजना है, ताकि निगरानी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से हो सके।



मॉनिटरिंग के दौरान जुटाई गई सभी जानकारियां डिजिटल डैशबोर्ड पर उपलब्ध होंगी। शिक्षा मंत्री और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस रिपोर्ट की नियमित समीक्षा करेंगे। इससे स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था की स्थिति की लगातार निगरानी की जा सकेगी।



शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि पूरी व्यवस्था आईटी आधारित होगी। इसके लिए तैयार किया जा रहा आईटी सिस्टम नवंबर में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद डिजिटल मॉनिटरिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिक्षकों की निगरानी करना नहीं, बल्कि कक्षाओं में पढ़ाई की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की भागीदारी और शिक्षण पद्धति का वास्तविक आकलन करना भी है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता