1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 23 Jan 2026 11:13:11 AM IST
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wedding drama Bihar : बिहार के सुपौल जिले में बुधवार की रात एक शादी समारोह उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा में बदल गया, जब खुशियों से सजा मंडप अचानक तनाव, आक्रोश और हंगामे का केंद्र बन गया। त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के मिरजवा पंचायत अंतर्गत लगुनिया वार्ड 15 ठाकुर टोला में आयोजित विवाह समारोह में दुल्हन ने नशे में धुत दूल्हे से सरेआम शादी करने से इनकार कर दिया। इस फैसले ने न सिर्फ शादी तोड़ दी, बल्कि पूरे इलाके में महिला सशक्तिकरण की एक मजबूत मिसाल भी पेश कर दी।
जानकारी के अनुसार कटिहार जिले के फलका बाजार वार्ड 13 निवासी विलाश ठाकुर के पुत्र राजेश कुमार ठाकुर की शादी लगुनिया वार्ड 15 निवासी स्वर्गीय विजेंद्र ठाकुर की पुत्री नेहा कुमारी से तय हुई थी। बुधवार 21 जनवरी की रात पूरे धूमधाम, बाजे-गाजे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बारात दुल्हन के घर पहुंची। प्रारंभिक रस्में विधिवत संपन्न हो चुकी थीं और माहौल पूरी तरह उत्सवमय था। परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण खुशी में डूबे हुए थे।
लेकिन वरमाला के बाद जैसे ही दूल्हे को मंडप में लाया गया, वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। दूल्हा नशे में पूरी तरह धुत था। वह लड़खड़ाते हुए मंडप पर बैठा, असामान्य हरकतें करने लगा और खुद को संभालने की स्थिति में भी नहीं था। यह दृश्य देखकर दुल्हन, पुरोहित और ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता और नाराजगी साफ झलकने लगी। शादी जैसे पवित्र संस्कार में इस तरह का व्यवहार देख माहौल पलभर में बिगड़ गया।
दूल्हे की हालत देखकर दुल्हन नेहा कुमारी ने साहसिक और आत्मसम्मान से भरा फैसला लिया। उसने साफ शब्दों में शादी से इनकार कर दिया। दुल्हन ने कहा, “जो इंसान शादी के दिन ही नशे में धुत हो, उसके साथ जिंदगी कैसे बिताई जा सकती है?” उसके इस फैसले के बाद मंडप में सन्नाटा छा गया। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव और आसपास के इलाकों में आग की तरह फैल गई।
दुल्हन के फैसले के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजन और ग्रामीण आक्रोशित नजर आए। बारातियों को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा। हालांकि स्थिति बिगड़ने से पहले गांव के समझदार लोगों ने हस्तक्षेप किया और किसी भी तरह की हिंसा या विवाद को टाल दिया। एहतियातन दूल्हे, उसके पिता और वाहन को गांव में ही रोक लिया गया ताकि मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके।
गुरुवार की शाम दूल्हे के परिजन दोबारा गांव पहुंचे। आपसी सहमति के बाद शादी में उपहार स्वरूप दी गई पूरी राशि और सामान वापस किया गया। इसके बाद दूल्हे और उसके पिता को सम्मानपूर्वक गांव से विदा कर दिया गया। इस तरह एक बड़ी घटना बिना किसी अप्रिय स्थिति के समाप्त हो गई।इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। त्रिवेणीगंज थाना अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही कोई शिकायत दर्ज कराई गई है।
आज यह घटना सिर्फ एक टूटी हुई शादी की कहानी नहीं है, बल्कि उस दुल्हन की हिम्मत, आत्मसम्मान और जागरूकता की कहानी है, जिसने सामाजिक दबाव और परंपराओं के आगे झुकने से इनकार कर दिया। गांव और आसपास के लोग नेहा कुमारी के इस फैसले की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे नशेड़ी युवक से शादी करने से बेहतर है आत्मसम्मान के साथ अकेले रहना।
यह घटना समाज के लिए एक कड़ा संदेश है कि शादी सिर्फ रस्म नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। वहीं नेहा कुमारी का साहसिक कदम आज कई लड़कियों के लिए प्रेरणा बन रहा है और महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।