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बिहार में चल रहा कौन सा खेल? लोगों के बैंक खातों में लगातार आ रहे करोड़ों रुपये, साजिश है या तकनीकी फॉल्ट

Bihar News: सुपौल जिले में एक आंगनबाड़ी सहायिका के बैंक खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये से अधिक का बैलेंस दिखाई देने से हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में खाता फ्रीज कर दिया गया। आखिर यह तकनीकी गड़बड़ी थी या कुछ और, इसकी जांच शुरू हो गई है। पूरी खबर में...

बिहार में चल रहा कौन सा खेल? लोगों के बैंक खातों में लगातार आ रहे करोड़ों रुपये, साजिश है या तकनीकी फॉल्ट
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar News: हाल के दिनों में बिहार में एक बड़ा मामला सामने आ रहा है, जिसमें अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में अचानक करोड़ों रुपये दिखाई देने लगते हैं. यह घटना खासकर उन खातों में देखने को मिल रही है, जिनमें कई महीनों से कोई निकासी या लेनदेन नहीं हुआ है. ऐसा ही एक नया मामला सुपौल जिले से सामने आया है, जहां एक आंगनबाड़ी सहायिका के बैंक खाते में अचानक 740 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये 78 पैसे का बैलेंस दिखाई देने लगा. खाते में अरबों रुपये देखकर पहले सीएससी संचालक और फिर महिला के होश उड़ गए. देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई. हालांकि, कुछ ही देर बाद महिला का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया.


यह मामला सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड अंतर्गत हरिहरपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या-10 का है. यहां रहने वाली गीता देवी आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-339 में सहायिका के पद पर कार्यरत हैं और उनका खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की त्रिवेणीगंज शाखा में है.


जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को गीता देवी अपने खाते से रुपये निकालने के लिए गांव के एक सीएससी केंद्र पहुंचीं. उन्होंने पहले अपने खाते से 2100 रुपये निकाले और इसके बाद सीएससी संचालक से खाते में बची शेष राशि की जानकारी मांगी. जब संचालक ने बैलेंस चेक किया तो स्क्रीन पर दिखाई दे रही रकम देखकर वह खुद हैरान रह गया.


खाते में 7,40,68,72,895.78 रुपये का बैलेंस दिख रहा था. यह देखकर गीता देवी भी स्तब्ध रह गईं. पहले उन्हें लगा कि शायद उनके पति ने यह राशि भेजी होगी. उनके पति प्रदीप कुमार पंजाब में मजदूरी करते हैं. महिला ने तुरंत अपने पति को फोन कर पूछा कि क्या उन्होंने खाते में इतनी बड़ी रकम भेजी है, लेकिन पति ने साफ इनकार कर दिया. इसके बाद दोनों और भी हैरान हो गए.


सीएससी संचालक बलराम कुमार ने बताया कि वह पिछले आठ-दस वर्षों से बैंकिंग सेवा का काम कर रहे हैं, लेकिन ऐसा मामला उन्होंने पहली बार देखा है. उन्होंने बताया कि पहले बिना बैलेंस देखे महिला को 2100 रुपये निकालकर दे दिए. जब बाद में बैलेंस देखा तो उसमें 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई दे रही थी. शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद सर्वर या तकनीकी गड़बड़ी होगी.


सीएससी संचालक ने महिला को सलाह दी कि यदि यह राशि उनकी नहीं है तो बैंक जाकर इसकी जानकारी दें. हालांकि महिला ने पहले कुछ समय इंतजार करने की बात कही, लेकिन करीब आधे घंटे बाद जब दोबारा खाते की जांच की गई तो खाता फ्रीज हो चुका था. बाद में फिर बैलेंस चेक करने पर भी खाता फ्रीज ही मिला.


गीता देवी ने बताया कि उन्हें कुछ जरूरी काम के लिए पैसे की आवश्यकता थी, इसलिए वह सीएससी केंद्र गई थीं. पहले उन्होंने 2500 रुपये निकालने की सोची, लेकिन बाद में सिर्फ 2100 रुपये निकाले. इसके बाद जब खाते में बची राशि की जानकारी मिली तो वह खुद भी विश्वास नहीं कर सकीं. उन्होंने बाद में 10 हजार रुपये और निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनका खाता फ्रीज हो चुका था.


मामले को लेकर जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, त्रिवेणीगंज शाखा के शाखा प्रबंधक गौतम कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा मामला उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. उन्होंने बताया कि खाताधारक के बैंक पहुंचकर जानकारी देने और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह सिस्टम की गड़बड़ी है या किसी अन्य कारण से खाते में इतनी बड़ी राशि दिखाई दी.
सुपौल से संत सरोज की रिपोर्ट