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smart meter bihar : अब स्मार्ट मीटर यूजर्स के लिए बड़ी राहत! बिहार में अब प्रीपेड के साथ पोस्टपेड विकल्प भी शुरू; जानिए कैसे मिलेगा सस्ती बिजली और ज्यादा सुविधा

बिहार में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें सिर्फ प्रीपेड नहीं, बल्कि पोस्टपेड मोड का भी विकल्प मिलेगा। इससे बिजली उपयोग पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा, साथ ही उपभोक्ताओं को भुगतान में भी लचीलापन मिलेगा।

smart meter bihar : अब स्मार्ट मीटर यूजर्स के लिए बड़ी राहत! बिहार में अब प्रीपेड के साथ पोस्टपेड विकल्प भी शुरू; जानिए कैसे मिलेगा सस्ती बिजली और ज्यादा सुविधा
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

smart meter bihar : बिहार में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब तक जहां लोगों को केवल प्रीपेड सिस्टम के तहत बिजली का उपयोग करना पड़ता था, वहीं अब बिजली विभाग ने नियमों में बदलाव करते हुए उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्पों में से किसी एक को चुनने की सुविधा दे दी है। इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग में अधिक लचीलापन और सहूलियत मिलेगी।


पहले स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से प्रीपेड मोड अपनाना पड़ता था। इसका मतलब यह था कि उन्हें पहले बिजली के लिए रिचार्ज करना होता था, तभी वे बिजली का इस्तेमाल कर सकते थे। रिचार्ज खत्म होते ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाती थी, जिससे कई बार लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब नए नियम के तहत उपभोक्ता अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड किसी भी मोड को चुन सकते हैं।


हालांकि, बिजली विभाग ने यह साफ कर दिया है कि स्मार्ट मीटर लगवाना सभी उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य रहेगा। यानी पुराने मीटर की जगह स्मार्ट मीटर ही लगाना होगा, लेकिन उसका उपयोग कैसे करना है—यह निर्णय अब उपभोक्ता खुद ले सकेंगे। इस बदलाव का मकसद उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देना और बिजली उपभोग को सरल बनाना है।


बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव का बिजली दरों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बिजली की कीमतें राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा तय की जाती हैं, इसलिए मीटर के प्रकार या मोड बदलने से यूनिट रेट में कोई बदलाव नहीं होगा। स्मार्ट मीटर का मुख्य उद्देश्य केवल बिजली खपत को पारदर्शी और सटीक तरीके से मापना है।


अगर दोनों विकल्पों की बात करें तो पोस्टपेड मोड पारंपरिक व्यवस्था की तरह काम करेगा। इसमें उपभोक्ताओं को महीने के अंत में बिजली का बिल मिलेगा, जिसे वे निर्धारित समय के भीतर जमा कर सकते हैं। वहीं प्रीपेड मोड में उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज करना होगा और उसी बैलेंस के अनुसार बिजली का उपयोग किया जाएगा।


प्रीपेड मीटर के साथ कई आधुनिक सुविधाएं भी मिलती हैं। उपभोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए अपनी बिजली खपत को रियल टाइम में देख सकते हैं। इससे उन्हें यह समझने में आसानी होती है कि वे कितनी बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं और कब रिचार्ज की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा ऑनलाइन पेमेंट, सटीक बिलिंग और पारदर्शिता जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल हैं, जिससे गलत बिल की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है।


इतना ही नहीं, प्रीपेड विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं को कुछ अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी मिल सकते हैं। जानकारी के अनुसार, उन्हें प्रति यूनिट करीब 25 पैसे तक सस्ती बिजली मिल सकती है। साथ ही हर रिचार्ज पर लगभग 3 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ और दिन के समय बिजली उपयोग करने पर 20 प्रतिशत तक छूट का फायदा भी मिल सकता है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली खर्च में बचत करने का मौका मिलेगा।


कुल मिलाकर, बिहार सरकार और बिजली विभाग का यह फैसला उपभोक्ता हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार बिजली उपयोग करने की आजादी मिलेगी, बल्कि डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह व्यवस्था बिजली उपभोग के तरीके को और अधिक आसान और आधुनिक बना सकती है।