पटना/बिहार: NEET पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का असर शनिवार को कई जिलों में देखने को मिला। आइसा (AISA) और इनौस (इंकलाबी नौजवान सभा) समेत कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई जगहों पर सड़क जाम कर यातायात प्रभावित किया गया।
राजधानी पटना में बंद को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, शिक्षण संस्थानों और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वज्र वाहन, दंगा नियंत्रण बल और अतिरिक्त जवानों को तैनात किया।
पटना में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
पटना में सुबह से ही छात्र संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी करती रही। गांधी मैदान थाना क्षेत्र से 17 और कोतवाली थाना क्षेत्र से चार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। बिहार बंद के दौरान जब प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर पहुंचकर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई छात्रों को हिरासत में ले लिया। प्रशासन ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पटना यूनिवर्सिटी के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
बंद को देखते हुए पटना यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वारों और छात्रावासों के पास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। एसएसबी के जवानों ने भी मोर्चा संभाला। प्रशासन की ओर से डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक, कोतवाली टी-प्वाइंट, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल पथ, हाईकोर्ट, अशोक राजपथ, राजवंशी नगर मोड़, आशियाना और मुख्यमंत्री आवास के आसपास लगातार पेट्रोलिंग की गई।
भोजपुर में आरा-सासाराम हाईवे जाम
बिहार बंद का असर भोजपुर जिले में भी देखने को मिला। गड़हनी इलाके में इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर आरा-सासाराम मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम होने के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। वहीं जगदीशपुर के नया टोला मोड़ स्थित ओवरब्रिज के नीचे छात्र संगठनों ने बिहिया-बिहटा हाईवे को जाम कर दिया। छात्रों के सड़क पर बैठने से दोनों ओर यातायात बाधित हुआ।
गया में बंद का नहीं दिखा खास असर
गया जिले में शनिवार सुबह तक बिहार बंद का खास असर देखने को नहीं मिला। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल की तैनाती की गई थी। गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने फ्लैग मार्च किया। रेलवे परिसर और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई। गया से पटना, किऊल, धनबाद और डीडीयू मंडल की ओर जाने वाली ट्रेनों का परिचालन सामान्य रहा।
हाजीपुर में प्रशासन अलर्ट, जगह-जगह पुलिस तैनात
वैशाली जिले में बिहार बंद को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। हाजीपुर शहर समेत जिले के संवेदनशील इलाकों में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई। गांधी चौक, रामाशीष चौक, पासवान चौक और महात्मा गांधी सेतु के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई। सदर एसडीओ और एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने शहर में लगातार निगरानी की। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से बचें।
बेगूसराय और औरंगाबाद में भी सुरक्षा बढ़ाई गई
बेगूसराय में बंद का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला। हालांकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सड़क जाम करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की पहचान सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए की जाएगी। औरंगाबाद में भी संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस जवानों की तैनाती की गई।
प्रशासन की छात्रों और आम लोगों से अपील
प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी समस्या या शिकायत को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। हिंसा, तोड़फोड़ या कानून हाथ में लेने से बचें। अधिकारियों ने कहा कि छात्रों का भविष्य और शिक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। फिलहाल बिहार बंद को लेकर पूरे राज्य में प्रशासन की नजर बनी हुई है। पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।





