Bihar Bandh News: NEET पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और आंदोलनकारियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठन AISA और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RYA) ने बिहार बंद का आह्वान किया है. बंद को राजद, कांग्रेस, वीआईपी, भाकपा माले, माकपा समेत कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला है. बंद को देखते हुए राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
बंद का असर सुबह से ही राज्य के कई जिलों में देखने को मिला. सीवान में छात्र सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए. प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कॉकरोच के गेटअप में भी शामिल हुआ, जिसने लोगों का ध्यान खींचा. प्रदर्शन समाप्त कराने को लेकर प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच बहस भी हुई.
मधेपुरा में छात्रों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिस ने 20 से अधिक छात्रों को हिरासत में ले लिया. पटना के जेपी गोलंबर पर भी प्रदर्शन के लिए जुटे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया. वहीं जहानाबाद में पुलिस लगातार गश्त करती रही. दरभंगा रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.
बिहार बंद को लेकर 70 हजार जवान तैनात
बिहार बंद को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है. करीब 70 हजार जवानों की तैनाती की गई है. पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. स्थानीय पुलिस के साथ CISF, BSF, SSB और CRPF के जवानों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है.
पटना में डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक, कोतवाली टी-पॉइंट, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल पथ, हाईकोर्ट, अशोक राजपथ, राजवंशी नगर मोड़, आशियाना और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं. जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ 200 जवानों की तैनाती की गई है.
विधानसभा, पटना जंक्शन, एयरपोर्ट, राजेंद्रनगर टर्मिनल, म्यूजियम और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.
कई जिलों में स्कूल बंद
बंद को देखते हुए पटना, बेगूसराय और औरंगाबाद में स्कूल बंद कर दिए गए हैं. वहीं मुजफ्फरपुर में एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवा बंद की गई थी, जिसे छह घंटे बाद बहाल कर दिया गया.
पटना में छात्र नेता के घर पर भी छापेमारी की गई है. शहर में अर्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां तैनात की गई हैं. इसके अलावा पीटीसी कर रहे 300 जवानों और 500 अतिरिक्त होमगार्ड जवानों की भी ड्यूटी लगाई गई है.
अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी के निर्देश
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को 24 घंटे हालात पर नजर रखने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
डीजी कुंदन कृष्णन ने कहा कि हिंसक और उपद्रवी तत्वों के पोस्टर जारी किए जाएंगे. वहीं पटना के डीएम कुंदन कुमार ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इधर, NEET पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस ने भी बिहार के सभी जिलों में कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है.
पिछले तीन दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन
बिहार बंद से पहले भी पिछले तीन दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है. 24 जुलाई को कई जिलों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया था. 23 जुलाई को अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन हुए, जबकि जहानाबाद में 30 राउंड गोली चलने की घटना सामने आई थी.
22 जुलाई को दिल्ली से शुरू हुआ छात्र आंदोलन बिहार पहुंचा था. पटना में करीब सात घंटे तक प्रदर्शन और हंगामे की स्थिति बनी रही. इसी को लेकर 22 जुलाई की हिंसा के मामले में माले विधायक संदीप सौरव, AISA के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय, सचिव दीपांकर मिश्रा समेत 19 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.





