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सिवान में नहर पर बना बांध टूटने से मचा हड़कंप, इंजीनियर ने चूहों पर मढ़ दिया सारा दोष

SIWAN: बिहार के सिवान में नहर पर बना बांध टूट गया। जिसके कारण पुल गिरने से अचानक आई तेज आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया। पिलर धंसते ही कुछ ही मिनट में पुल धड़ाम से गिर गया। इस

सिवान में नहर पर बना बांध टूटने से मचा हड़कंप, इंजीनियर ने चूहों पर मढ़ दिया सारा दोष
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

SIWAN: बिहार के सिवान में नहर पर बना बांध टूट गया। जिसके कारण पुल गिरने से अचानक आई तेज आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया। पिलर धंसते ही कुछ ही मिनट में पुल धड़ाम से गिर गया। इस हादसे में फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुल ध्वस्त होने का लाइव वीडियो भी सामने आया है। घटना दरौंदा प्रखंड के रामगढ़ा पंचायत की है। 


बांध टूटने के कारण करीब पांच एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो गई। वही पूरे इलाके में पानी भर गया है। 60 किसानों की फसले पूरी तरह बर्बाद हो गयी। मामला जिले के मैरवा के नवादा गांव का है। लोगों ने विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे जूनियर इंजीनियर मदन मोहन ने सारा दोष चूहों पर मढ़ दिया। कहने लगे कि चूहों ने बांध में छेद कर दिया था जिस वजह से वह कमजोर होकर गिर गया। 


बताया जा रहा है कि यह पुल काफी पुराना था। पिछले वर्ष नहर का निर्माण कराया गया था, लेकिन नहर बनाने में लापरवाही बरती गई। जिसके कारण पानी के तेज बहाव से पुल के पिलर से मिट्टी का कटाव होने लगा। जिसके बाद पुल का पिलर धंसने लगा और कुछ ही मिनटों में पुल ताश के पत्तों की तरह ध्वस्त हो गया। पुल ध्वस्त होने से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है।


गंडक नहर पर बना यह पुल महाराजगंज प्रखंड के पटेढी बाजार और दरौंदा प्रखंड के रामगढ़ पंचायत को जोड़ता था। इस पुल के सहारे हजारों लोग इस पार से उस पार आते-जाते थे। लेकिन अब लोगों को पास के गांव में जाने के लिए भी काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी बना हुआ है। आक्रोशित लोगों ने मांग की है कि पुल गिरने की जांच की जाए और जल्द से जल्द दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।


वहीं स्थानीय लोगों ने पेयजल विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी इस बांध पर ध्यान नहीं देते थे। इसकी कभी देखरेख भी नहीं की गई। जिस वजह से ये बांध कमजोर होता गया और एक दिन टूट गया. वहीं विभाग ने जल्द इस बांध को जल्द बना लेने का दावा किया है. जबकि JE मदन मोहन ने कहा कि नहर के आउटलेट के लिए जगह छोड़ी जाती है. जिसमें हर जगह चूहे ने छेद कर दिया था. पानी भरने की वजह से रिसाव ज्यादा हुआ और इस तरह से बांध टूट गया

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