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बिहार में आग का तांडव: सिवान से नवादा तक जले गेहूं के खेत, सैकड़ों एकड़ की फसल हुई राख

Bihar News: बिहार में पछुआ हवा और बिजली की चिंगारियों ने किसानों की मेहनत पर कहर बरपा दिया है। सिवान, रोहतास और नवादा समेत कई जिलों में भीषण आग लगने से सैकड़ों एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को भारी...

बिहार में आग का तांडव: सिवान से नवादा तक जले गेहूं के खेत, सैकड़ों एकड़ की फसल हुई राख
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar News: बिहार में पछुआ हवाओं के बीच खेतों में लगी आग ने किसानों की मेहनत पर कहर बरपा दिया है। सिवान, रोहतास और नवादा समेत कई जिलों में शुक्रवार को भीषण अग्निकांड की घटनाओं ने सैकड़ों एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को जलाकर राख कर दिया। कहीं बिजली के शॉर्ट सर्किट ने चिंगारी दी, तो कहीं तेज हवाओं ने आग को विकराल रूप दे दिया। देखते ही देखते लहलहाते खेत राख के ढेर में बदल गए और किसानों की आंखों के सामने उनकी सालभर की मेहनत धुएं में उड़ गई।


सिवान जिले के आंदर अंचल के पड़ेजी गांव में बिजली के शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने अचानक गेहूं के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। करीब 10 बीघा में लगी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। गांव के लोग बाल्टियों, डंडों और पेड़ों की डालियों से आग बुझाने में जुटे रहे, लेकिन तेज हवा के सामने उनकी कोशिशें कमजोर पड़ गईं। इस हादसे में ललन साह, शिवसेवक पांडेय, ददन मांझी और कृष्णा राम समेत कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई।


रोहतास जिले के कोचस थाना क्षेत्र के सरेयां गांव में आग ने और भी भयावह रूप लिया। यहां लगभग 50 एकड़ से अधिक खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि दूर-दूर तक धुआं ही धुआं दिखाई दे रहा था। खेतों में खड़ी सुनहरी बालियां कुछ ही मिनटों में काली राख में बदल गईं। किसानों ने घंटों मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।


नवादा जिले के काशीचक प्रखंड के बेलर गांव में भी हालात बेहद गंभीर रहे। यहां अचानक लगी आग ने कई किसानों की तैयार फसल को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीण दमकल की गाड़ियों का इंतजार करते रहे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि देखते ही देखते खेत जलते चले गए। कई किसानों ने रोते हुए बताया कि यही फसल उनके पूरे साल का सहारा थी, जो अब खत्म हो चुकी है।


इन अग्निकांडों ने किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। गेहूं की कटाई से ठीक पहले हुई इस तबाही ने न केवल उनकी आर्थिक रीढ़ तोड़ी है, बल्कि परिवार चलाने की चिंता भी बढ़ा दी है। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी और अब फसल जल जाने के बाद वे गहरे सदमे में हैं।


स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। राजस्व कर्मियों को मौके पर भेजा गया है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सिवान में जदयू जिला सचिव सुशील गुप्ता ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो उनके सामने भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।


बार-बार हो रही आग की घटनाओं ने बिजली विभाग की लापरवाही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ढीले और जर्जर बिजली तार खेतों के ऊपर लटक रहे हैं, जिनसे चिंगारी निकलने का खतरा हमेशा बना रहता है। गर्मी बढ़ने के साथ ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन रोकथाम के ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे।