SIWAN: बिहार के सीवान में चिकित्सकीय लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक मरीज के दाहिने पैर में फ्रैक्चर था, लेकिन डॉक्टर ने गलती से उसके बाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया। मरीज के परिजनों की आपत्ति के बाद दाहिने पैर का भी ऑपरेशन किया गया।
मामले में मरीज जानकी कुंवर ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष परिषद में शिकायत दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान उन्होंने चिकित्सकीय दस्तावेज, एक्स-रे रिपोर्ट, एक्स-रे प्लेट, डिस्चार्ज स्लिप, जांच रिपोर्ट और कानूनी नोटिस समेत कई दस्तावेज आयोग के सामने साक्ष्य के रूप में पेश किए।
दाहिने पैर में था फ्रैक्चर, बाएं पैर का कर दिया ऑपरेशन
शिकायत के अनुसार, जानकी कुंवर के दाहिने पैर में फ्रैक्चर हुआ था। एक्स-रे कराने के बाद उन्हें संबंधित अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने दाहिने पैर के बजाय बाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया। जब परिजनों ने इस गलती पर आपत्ति जताई तो डॉक्टर ने बाद में दाहिने पैर का भी ऑपरेशन किया। इस मामले को लेकर मरीज ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष परिषद में शिकायत दर्ज कराई और चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई परेशानी के लिए मुआवजे की मांग की।
आयोग ने माना-लापरवाही बरती गई
मामले की सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए शिकायत खारिज करने की मांग की। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के साथ पेश किए गए दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट का भी अवलोकन किया। साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने माना कि मरीज के दाहिने पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद बाएं पैर का ऑपरेशन किया गया। बाद में दाहिने पैर का ऑपरेशन किया गया। आयोग ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही और सेवा में कमी माना।
डॉक्टर को 8 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश
आयोग ने शिकायतकर्ता जानकी कुंवर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डॉक्टर को 8 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया। इसके अलावा मानसिक और शारीरिक पीड़ा के लिए 20 हजार रुपये तथा मुकदमे के खर्च के रूप में 5 हजार रुपये देने का भी निर्देश दिया गया है। इस तरह गलत पैर का ऑपरेशन करने के मामले में डॉक्टर को कुल 8 लाख 25 हजार रुपये का भुगतान करना होगा।





