सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने खुशियों और गम के बीच पहले से मातम में डूबे एक परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दीं। घर में श्राद्ध कर्म का भोज चल रहा था। रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी थी। कोई भोज की तैयारी में लगा था तो कोई मेहमानों की आवभगत कर रहा था। तभी अचानक एक तेज रफ्तार बेकाबू पिकअप लोगों की भीड़ में मौत बनकर घुस गई। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। इस हादसे में करीब 12 लोग गाड़ी की चपेट में आ गए। दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
दिल दहला देने वाली यह घटना जिले के परसौनी थाना क्षेत्र के गिसारा गांव की है। गुरुवार की रात हुए इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। जानकारी के मुताबिक, हादसे में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनों की तलाश में इधर-उधर दौड़ते नजर आए।
श्राद्ध भोज की तैयारी चल रही थी, तभी पहुंच गई मौत
बताया जाता है कि गिसारा गांव में एक परिवार में श्राद्ध कर्म के तहत भोज का आयोजन किया गया था। घर और आसपास के इलाके में लोगों की आवाजाही लगी हुई थी। गांव के बुजुर्ग योगेश्वर पासवान भी भोज की तैयारी के दौरान सड़क किनारे बैठे थे। वहीं, डुमरा थाना क्षेत्र के प्रेमनगर निवासी मांझी पासवान अपनी बहन की तेरहवीं के भोज में शामिल होने के लिए गिसारा गांव पहुंचे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में यह आयोजन एक और बड़े मातम में बदल जाएगा। अचानक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर लोगों के बीच पहुंच गई और जो सामने आया, उसे कुचलते हुए आगे बढ़ती चली गई।
बाइक से टक्कर के बाद चालक से हुआ विवाद, फिर बेकाबू हुई पिकअप
परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, गांव में एक पिकअप वाहन से धान उतारने का काम चल रहा था। धान उतारने के बाद चालक गाड़ी को पीछे कर रहा था। इसी दौरान पिकअप बालम कुमार के घर के सामने खड़ी एक बाइक से टकरा गई। बाइक में टक्कर लगने के बाद बालम कुमार और पिकअप चालक के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी विवाद के बाद चालक मुन्ना बैठा ने अचानक पिकअप की रफ्तार बढ़ा दी और खुद वाहन से कूद गया। इसके बाद बिना चालक की पिकअप तेज गति से आगे बढ़ती हुई सीधे श्राद्ध भोज की तैयारियों में जुटे लोगों के बीच जा घुसी।
लोगों को संभलने तक का नहीं मिला मौका
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को कुछ समझने और अपनी जान बचाने तक का मौका नहीं मिला। अचानक सामने से गाड़ी को आता देख वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। कोई इधर भागा तो कोई उधर, लेकिन तब तक कई लोग पिकअप की चपेट में आ चुके थे। कुछ लोग सड़क पर गिर पड़े तो कुछ गंभीर रूप से घायल होकर दर्द से कराहने लगे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गए।
दो परिवारों में छाया मातम, गांव में पसरा सन्नाटा
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान गिसारा गांव निवासी 80 वर्षीय योगेश्वर पासवान और डुमरा थाना क्षेत्र के प्रेमनगर निवासी मांझी पासवान के रूप में हुई है। दो लोगों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया।
योगेश्वर पासवान जिस गांव में रहते थे, वहीं श्राद्ध भोज के दौरान उनकी जिंदगी खत्म हो गई। दूसरी ओर, मांझी पासवान अपनी बहन की तेरहवीं में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
सबसे दुखद पहलू यह है कि जिस घर में पहले से किसी की मृत्यु के बाद श्राद्ध कर्म का आयोजन हो रहा था, वहां इस हादसे ने दो और मौतों का दर्द जोड़ दिया। एक तरफ श्राद्ध भोज की तैयारी थी तो दूसरी तरफ हादसे के बाद मातम और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
पुलिस ने पिकअप जब्त कर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही परसौनी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, पुलिस ने दुर्घटना में शामिल पिकअप को जब्त कर लिया है। दोनों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चालक मुन्ना बैठा को लेकर लगाए गए आरोपों और हादसे के वास्तविक कारणों की भी जांच की जा रही है।
गिसारा गांव में इस घटना के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस आंगन में लोगों के बैठने और भोजन करने की व्यवस्था की जा रही थी, वहां अब अपनों को खोने का दर्द है। एक श्राद्ध भोज में शामिल होने आए लोगों के लिए यह रात कभी नहीं भूलने वाली त्रासदी बन गई।





