बिहार में छठ और दीपावली का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। त्योहारों के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भीड़, घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईलेवल बैठक बुलाई। इस बैठक में राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और शांति व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
त्योहार में जरा सी लापरवाही भी पड़ेगी भारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि दीपावली और छठ जैसे बड़े पर्वों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहनी चाहिए। किसी भी इलाके में अफवाह, विवाद या असामाजिक गतिविधियों को बढ़ने का मौका नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की वजह से सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था प्रभावित होती है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री का विशेष जोर इस बात पर रहा कि प्रशासन केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित न रहे, बल्कि पहले से ऐसी व्यवस्था बनाए कि कोई अप्रिय घटना होने की नौबत ही नहीं आए। इसके लिए संवेदनशील इलाकों की पहचान, लगातार पुलिस गश्ती और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
छठ घाटों पर रहेगी विशेष पुलिस व्यवस्था
छठ महापर्व के दौरान बिहार के विभिन्न जिलों में लाखों श्रद्धालु नदी, तालाब और अन्य जलाशयों के किनारे अर्घ्य देने पहुंचते हैं। कई घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक होती है कि भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन घाटों पर बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं, वहां विशेष पुलिस बल की तैनाती की जाए। भीड़ के दबाव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा का इंतजाम किया जाए। जिलों के डीएम और एसपी खुद घाटों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
घाटों पर प्रवेश और निकास की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रशासन को पहले से तैयारी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया।
धनतेरस पर मुजफ्फरपुर में पुलिस का मास्टर प्लान
एक तरफ मुख्यमंत्री पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुजफ्फरपुर में धनतेरस की खरीदारी को देखते हुए पुलिस ने भी अपनी कमर कस ली है। धनतेरस के मौके पर शहर के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। सोने-चांदी की दुकानों, बर्तन बाजार, इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में खरीदारों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने विशेष सुरक्षा प्लान तैयार किया है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में तैयार इस मास्टर प्लान का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना, पॉकेटमारों और उचक्कों पर लगाम लगाना तथा शहर को जाम से बचाना है।
सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी, बाजारों में महिला बल की तैनाती
पुलिस की रणनीति के तहत प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादे कपड़ों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इनकी नजर संदिग्ध गतिविधियों, मनचलों, पॉकेटमारों और जेब काटने वाले गिरोहों पर रहेगी। महिला खरीदारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख व्यावसायिक स्थलों पर महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी। इसके अलावा क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और थानों की बाइक पुलिस टीम लगातार शहर में गश्त करती रहेगी। किसी भी तरह की सूचना मिलने पर ये टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेंगी।
तीन स्तरों पर होगी सुरक्षा की निगरानी
मुजफ्फरपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरों में बांटा है। पहले स्तर पर प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक जवान तैनात रहेंगे, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और यातायात बाधित न हो। दूसरे स्तर पर बाजारों और संकरी गलियों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी और महिला बल निगरानी करेंगे। तीसरे स्तर पर QRT और थानों की बाइक टीम लगातार मोबाइल पेट्रोलिंग करेगी। इससे किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि धनतेरस पर बाजारों में भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए संवेदनशील इलाकों, प्रमुख बाजारों और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेंगे और जरूरत के मुताबिक सड़कों पर उतरकर हालात का जायजा लेंगे।
आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील
पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि लोग बिना किसी डर और परेशानी के त्योहार की खरीदारी कर सकें और सुरक्षित अपने घर लौटें। इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। कुल मिलाकर दीपावली से लेकर छठ तक बिहार में पुलिस और प्रशासन की अग्निपरीक्षा होने वाली है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश और जिलों में तैयार किए जा रहे सुरक्षा प्लान के बीच अब निगाह इस बात पर रहेगी कि त्योहारों के दौरान व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है। सरकार का संदेश साफ है- त्योहार खुशियों के साथ मनें, लेकिन शांति और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।





