ब्रेकिंग
1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी

New Rail Bridge Bihar: बिहारवासियों को बड़ी खुशखबरी, इस दिन से शुरू होगा यह पुल; तीन जिले के लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

New Rail Bridge Bihar: बिहारवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वर्षों से लंबित पड़ी सीतामढ़ी–शिवहर–मोतिहारी रेल लाइन परियोजना को अब नई गति मिल गई है। रेलवे द्वारा इस रेलखंड के अंतर्गत बागमती नदी पर एक विशाल रेल पुल के निर्माण का निर्णय लिया।

Bihar News
बिहार न्यूज
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

New Rail Bridge Bihar: बिहारवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वर्षों से लंबित पड़ी सीतामढ़ी–शिवहर–मोतिहारी रेल लाइन परियोजना को अब नई गति मिल गई है। रेलवे द्वारा इस रेलखंड के अंतर्गत बागमती नदी पर एक विशाल रेल पुल के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जो आने वाले समय में तीन प्रमुख जिलों सीतामढ़ी, शिवहर और मोतिहारी को सीधा जोड़ देगा। यह पुल शिवहर जिले में डुब्बाघाट के सामने, उत्तर दिशा में बनाया जाएगा।


रेलवे और निर्माण एजेंसियों द्वारा निर्माण स्थल पर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। पाइलिंग के लिए उपयुक्त स्थल को पहले ही चिह्नित कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना को वर्ष 2006-07 में ही मंजूरी मिल गई थी, लेकिन तकनीकी, प्रशासनिक और भूमि अधिग्रहण की अड़चनों के कारण यह योजना कई वर्षों से रुकी हुई थी। अब जबकि निरीक्षण कार्य तेज़ी से हो रहा है, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह सपना जल्द साकार होगा।


यह परियोजना शिवहर जिले के लिए ऐतिहासिक साबित होने वाली है, क्योंकि आजादी के बाद पहली बार यहां रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लंबाई 78.92 किलोमीटर है, और इसे लगभग 644 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। सीतामढ़ी से परशुरामपुर तक भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जहां 80 प्रतिशत किसानों को मुआवजा भी दे दिया गया है। भूमि समतलीकरण और पटरियों के बिछाने का कार्य शीघ्र शुरू होने वाला है।


रेलवे विभाग ने इस रेल लाइन पर दो क्रॉसिंग स्टेशनों रेवासी और शिवहर के निर्माण की योजना बनाई है। इसके अलावा धनकौल, सुगिया कटसरी और चिरैया में हॉल्ट स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों को भी रेल सुविधा का लाभ मिल सकेगा। इन स्टेशनों के निर्माण से न केवल लोगों को आसान यातायात की सुविधा मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार की दृष्टि से भी वरदान साबित होगा।


रेल पुल और इस रेल लाइन के निर्माण से सीतामढ़ी, शिवहर और मोतिहारी जैसे सीमावर्ती और अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों के बीच संपर्क सुगम हो जाएगा। इस रूट के शुरू होने पर सीतामढ़ी से ट्रेनें रेवासी, शिवहर, पताही और ढाका होते हुए बापूधाम मोतिहारी तक चल सकेंगी। यह संपर्क इन जिलों के निवासियों के लिए यातायात, व्यापार और रोज़गार के नए रास्ते खोलेगा। किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी और युवाओं को शिक्षा व नौकरियों के बेहतर अवसर मिलेंगे।


वहीं, यह परियोजना केवल एक रेल लाइन या पुल नहीं है, बल्कि सैकड़ों गांवों और लाखों लोगों की आशाओं की रेल है, जो अब ट्रैक पर दौड़ने को तैयार हो रही है। जैसे ही काम गति पकड़ेगा, बिहार का यह इलाका विकास की नई रफ्तार से आगे बढ़ेगा।

संबंधित खबरें