ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

Bihar Land Survey:: वंशावली सत्यापन के बाद ही रैयतों के नाम से होगा जमीन सर्वे

बिहार के सीतामढ़ी जिले के चोरौत प्रखंड में विशेष जमीन सर्वे की ग्राम सभा आयोजित की गयी जिसमें वंशावली सत्यापन के बाद ही वर्तमान रैयतों के नाम से भूमि सर्वे करने की बात कही गयी।

bihar
जमीन सर्वे में वंशावली जरूरी
© social media
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SITAMARHI: बिहार के सीतामढ़ी जिले के चोरौत प्रखंड स्थित पंचायत भवन में विशेष जमीन सर्वे (Bihar Land Survey) को लेकर ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान रैयतों को बताया गया कि वंशावली सत्यापन के बाद ही रैयतों की जमीन का सर्वे किया जाएगा। 


बैठक में सहायक बंदोबस्ती पदाधिकारी विश्वजीत कुमार ने बताया कि ग्राम सभा का मुख्य उद्देश्य राजस्व ग्राम विशनपुर की जमीन के रैयतों के आश्रितों की वंशावली निर्माण से संबंधित जानकारी साझा करना और उसका सत्यापन करना है। इस प्रक्रिया से सर्वे कार्य में पारदर्शिता बनी रहेगी और भूमि विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। 


उन्होंने बताया कि वंशावली सत्यापन के बाद ही जमीन का सर्वे वर्तमान रैयतों के नाम से किया जाएगा। सर्वे की पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी:

प्रथम चरण: रैयत प्रपत्र जमा करना।

द्वितीय चरण: टीम धरातल पर जाकर सभी जानकारियों का सत्यापन करेगी।

तृतीय चरण: गजट प्रकाशन के बाद उसकी प्रति रैयत को उपलब्ध कराई जाएगी।

सहायक बंदोबस्ती पदाधिकारी ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया से भूमि संबंधी विवादों को कम करने और सर्वे कार्य को सही तरीके से सम्पन्न कराने में मदद मिलेगी।



टैग्स

संबंधित खबरें