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बेतिया में गंडक का रौद्र रूप: भीषण कटाव से दहशत, घर बचाने की उम्मीद टूटी तो खुद आशियाना तोड़ने लगे ग्रामीण

पश्चिम चंपारण के सिसवा मंगलपुर में गंडक नदी का जलस्तर घटते ही भीषण कटाव तेज हो गया। कई घर नदी में समा गये हैं। घरों पर खतरा बढ़ने से ग्रामीण खुद आशियाने तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।

बिहार न्यूज
भीषण कटाव से दहशत
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BETTIAH: बेतिया के योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के सिसवा मंगलपुर पंचायत में गंडक नदी का जलस्तर घटते ही कटाव का कहर तेज हो गया है। दियारा इलाके में नदी तेजी से किनारे को काटते हुए गांव की ओर बढ़ रही है। लगातार हो रहे भीषण कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि कटाव पर जल्द रोक नहीं लगी तो कई घर और जमीन गंडक नदी में समा सकते हैं।


कटाव की भयावह स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घर बचाने की उम्मीद छोड़ चुके कुछ ग्रामीण अब अपने आशियाने खुद तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं। वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी से बनाए गए घर को अपनी आंखों के सामने तोड़ना उनके लिए बेहद दर्दनाक है। लेकिन नदी के लगातार करीब पहुंचने के कारण ग्रामीणों के सामने दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा है।


स्थानीय ग्रामीण विकास कुमार, सरदार पांडे, पप्पू पांडे और अमिरका गद्दी सहित अन्य लोगों ने बताया कि गंडक नदी लगातार गांव की ओर बढ़ रही है। कई घर कटाव की जद में हैं और ग्रामीण भय के साये में रात गुजार रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद जल संसाधन विभाग की ओर से अब तक स्थिति का समुचित जायजा नहीं लिया गया है और कटाव रोकने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।


ग्रामीणों ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल मौके पर टीम भेजकर कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। साथ ही प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की अपील की है।


ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कटावरोधी काम शुरू नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में गंडक नदी कई और घरों को अपनी धारा में समेट सकती है। स्थिति अब केवल खेत और जमीन के कटाव तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि लोगों के आशियाने भी खतरे में हैं।

बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट 

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