1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 05, 2025, 3:54:15 PM
सरकारी कर्मचारी निकला सेटर - फ़ोटो google
SAMASTIPUR: NEET 2025 एग्जाम में सेटिंग करने वाले दो सेटर को समस्तीपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों सेटर दरभंगा और बेगूसराय का रहने वाला है। बेगूसराय का रहने वाला सेटर सरकारी कर्मी है। इस पूरे मामले में पुलिस विशेष कार्रवाई कर रही है। समस्तीपुर के एसपी अशोक मिश्रा ने इस बात की जानकारी दी। पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है। दोनों सेटरो के पास से नीट परीक्षा से जुड़ा कागजात और 50 हजार कैश बरामद किया गया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
बता दें कि समस्तीपुर के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर सोमवार 05 मई को 14:00 बजे से 17.00 बजे तक NEET 2025 की परीक्षा निर्धारित थी। कदाचार मुक्त परीक्षा के संचालन को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में थी और लगातार परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली की एक गिरोह के कुछ सदस्य कार संख्या-BR07AP/ 7233 से विभिन्न परीक्षा केन्द्रों के आस-पास चक्कर लगा रहे हैं। परीक्षा में तकनीकी रूप से छेड़छाड़ करते हुए असली अभ्यार्थियों के बदले दूसरे अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से परीक्षा में बिठाकर परीक्षा दिला रहे हैं। इस सूचना के बाद पुलिस हरकत में आई।
समस्तीपुर पुलिस कप्तान के निर्देश पर उनके नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। पुलिस की टीम ने उक्त कार को मोहनपुर पुल के पास देखते ही रुकवाया। कार में बैठे दो लोगों को हिरासत में लिया गया। जिससे पूछताछ की गयी। कार के ड्राइवर सीट पर बैठे शख्स ने अपना नाम रामबाबू मल्लिक बताया। जो दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के रहमगंज काली मंदिर निवासी सुरेश मल्लिक का बेटा है। जबकि दूसरे शख्त ने अपना नाम डॉ. रंजीत कुमार बताया। जो समस्तीपुर के विभूतिपुर थानाक्षेत्र के बेलसंडी ताड़ा पंचायत के लक्ष्मी प्रसाद सिंह का बेटा है।
पुलिस ने जब रामबाबू और रंजीत से पूछताछ की तब दोनों ने बताया कि वो लोग नीट 2025 की परीक्षा में मुन्नाभाई बिठाते हैं। स्कॉलर को बिठाकर छात्रों को अच्छे नंबर से पास कराते थे। दोनों के पास से मोबाईल फोन बरामद किया गया जिसमें परीक्षा से संबंधित कई कागजात एवं परीक्षार्थियों का एडमिट कार्ड मिला है। WhatsApp नम्बर को देखने से पता चला कि, इन लोगों के द्वारा कुछ अन्य के सहयोग से भी NEET 2025 की परीक्षा से संबंधित, कई परीक्षार्थियों का एडमिट कार्ड, आधार कार्ड, हस्ताक्षर, फोटो का आदान-प्रदान किया गया है।
अम्यर्थी से एक मुश्त मोटी रकम लेकर 2 से 5 लाख रूपये देकर मूल अभ्यर्थी के जगह स्कॉलर परीक्षा में बिठाया जाना था। दोनों संदिग्धों से जब पूछताछ की गयी तब अपना अपराध स्वीकार किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ मुफ्फसिल थाने में केस दर्ज कराया गया। केस दर्ज होने के बाद दोनों सेटरो को जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।