BIHAR:बिहार सरकार की ओर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में 1100 रुपये दी जा रही है। पेंशन की राशि निकालने के लिए लोग सीएसपी सेंटर और बैंक जा रहे हैं। इसी क्रम में कुछ जगहों से ऐसी खबरें निकलकर आ रही है, जिससे जानकर हर कोई हैरान हैं। शनिवार को नवादा में पेंशन की राशि 1100 रुपये निकालने गई महिला के बैंक खाते में अचानक करीब 740 करोड़ रुपये का बैलेंस दिखाई दिया।
इतनी बड़ी राशि देख महिला भी काफी घबरा गयी। कहने लगी कि रातभर चिंता से सोये नहीं थे, खाना भी खाये नहीं थे। अगर हार्ट पेशेंट रहती तो रात में ही मर जाती। नवादा के जैसा ही एक मामला फिर गया जी जिले में सामने आया जहां ई-रिक्शा चालक शिव कुमार पटेल के पेंशन खाते में अचानक 759 करोड़ रुपये आ गये। जिसके बाद यह खबर देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी। जिसके बाद बैंक अलर्ट हो गया और शिव कुमार को खाते से किसी प्रकार का लेन देन ना करने का निर्देश दिया।
अब तीसरा मामला बिहार के ही समस्तीपुर जिले से रविवार को सामने आई है। जहां 80 वर्षीय भरत ईश्वर के खाते में 740 करोड़ से अधिक की राशि बैलेंस में दिखाई दे रहा है। भरत जब 1100 रुपये पेंशन निकालने के लिए गये तब जो ट्रांजेक्शन रसीद मिला उसमें 740 करोड़ से अधिक का बैलेंस अमाउंट दिख रहा है। इतनी बड़ी राशि खाते में रहने की बात सुनकर भरत ईश्वर भी हैरान रह गये। इस बात की चर्चा पूरे इलाके में शुरु हो गयी है। हर कोई इस बात को सुनकर हैरान हैं। भरत ईश्वर को लोग कह रहे हैं कि भाई साहब आप अरबपति हो गये हैं।
पेंशन खाते में करोड़ों रुपये आने का तीसरा मामला समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड के नौआचक पंचायत का है, जहां गावपुर वार्ड-13 निवासी भरत ईश्वर जब वृद्धावस्था पेंशन निकालने के लिए ग्राहक सेवा केंद्र गये तब उन्हें इस बात की जानकारी हुई की उनके खाते में करोड़ों रुपये आ गये हैं। बैंक अकाउंट में 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये 78 पैसे दिख रहा है। इतनी बड़ी रकम देखकर भरत और सीएसपी संचालक के होश उड़ गये। देखते ही देखते यह बात आग की तरह फैल गयी। जिसे जानकर गांव के लोग भी हैरान रह गये। अब लोग रसीद देखने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। गांव में इसी बात की चर्चा हो रही है।
भरत ईश्वर सरायरंजन स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पहुंचे तब शाखा प्रबंधक ने पेंशन अकाउंट की जांच की। उन्होंने बताया कि खाते में वास्तविक शेष राशि केवल 500 रुपये है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाते में किसी प्रकार का बड़ा वित्तीय लेन-देन नहीं हुआ है और पासबुक अपडेट कराने पर भी यही राशि दिखाई देगी।
शाखा प्रबंधक ने बताया कि ट्रांजेक्शन रसीद में दिखाई गई करोड़ों रुपये की राशि तकनीकी त्रुटि का परिणाम है। बैंक ने इस गड़बड़ी की सूचना क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दी है, ताकि तकनीकी खामी को जल्द दूर किया जा सके। बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों से अपील की है कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत बैंक से संपर्क कर खाते की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करें।




