ROHTAS: रोहतास जिले के कैमूर पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध मांझर कुंड जलप्रपात को अगले एक सप्ताह के लिए पर्यटकों के प्रवेश हेतु पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने यह निर्णय बढ़ती पर्यटकों की भीड़, फैली गंदगी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया है।
बरसात शुरू होने के बाद मांझर कुंड जलप्रपात में पानी आने से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे थे। लेकिन कई लोग पिकनिक के दौरान गैस सिलेंडर, चूल्हा और अन्य सामान लेकर खाना बना रहे थे तथा प्लास्टिक और अन्य कचरा इधर-उधर फेंक रहे थे। इससे पूरे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित हो रहा था और वन्यजीव अभयारण्य (सेंचुरी) क्षेत्र की स्वच्छता पर भी असर पड़ रहा था।
डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण
रविवार को रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार और वन प्रमंडल पदाधिकारी स्टालिन फिडल कुमार पुलिस एवं वन विभाग की टीम के साथ मांझर कुंड पहुंचे। अधिकारियों ने वहां अनधिकृत रूप से पिकनिक मना रहे लोगों को हटाया और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ लोगों पर नशा करने का भी संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उनकी जांच की। अधिकारियों ने पर्यटकों को स्वच्छता बनाए रखने और नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी।
सफाई और सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा
जिला प्रशासन के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक मांझर कुंड में सफाई अभियान चलाया जाएगा और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। इसके बाद स्थिति की समीक्षा कर दोबारा पर्यटकों के लिए स्थल खोला जाएगा। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अगले रविवार तक मांझर कुंड आने की योजना न बनाएं, क्योंकि इस अवधि में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बरसात के मौसम में मांझर कुंड जलप्रपात का प्राकृतिक सौंदर्य देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन का कहना है कि पर्यटन स्थल की स्वच्छता और सुरक्षा बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।




