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Saharsa news : रेलवे स्टेशन पर पुलिस जवान की रहस्यमयी मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए

सहरसा रेलवे स्टेशन पर एक पुलिस जवान की अचानक मौत से हड़कंप मच गया। अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन भड़क उठे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।

Saharsa news : रेलवे स्टेशन पर पुलिस जवान की रहस्यमयी मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए
Tejpratap
Tejpratap
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Saharsa news : सहरसा जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक पुलिस जवान की अचानक मौत हो गई। घटना बुधवार देर शाम की बताई जा रही है। मृतक जवान के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण हालात और बदतर हो गए।


मृतक के रिश्तेदार सुजीत कुमार ने बताया कि उन्हें सहरसा रेलवे स्टेशन से किसी ने फोन कर जानकारी दी कि उनका भाई प्लेटफॉर्म पर बेहोश अवस्था में मिला है। जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्य तुरंत सहरसा पहुंचे।


सुजीत ने बताया कि रात करीब 11:30 बजे जब वे सदर अस्पताल पहुंचे तो देखा कि जवान मृत अवस्था में स्ट्रेचर पर बाहर रखा हुआ है। उन्होंने रेल थाना सहरसा में आवेदन भी दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान परिजनों को खुद ही स्ट्रेचर खींचकर लगभग 600 मीटर तक शव को पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाना पड़ा, जिससे वे आक्रोशित दिखे।


परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एंबुलेंस मांगने पर कर्मचारियों ने कहा—“एंबुलेंस नहीं है, ड्राइवर नहीं है।”इससे परिवार की पीड़ा और बढ़ गई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को घटना के लिए जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई की मांग की।


रेल थानाध्यक्ष रविभूषण ने बताया कि बुधवार देर शाम प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर एक यात्री के बेहोश होकर गिरने की सूचना मिली थी।उन्होंने बताया—“सूचना मिलते ही उसे तुरंत टेम्पो से सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।”


मृतक की पहचान उसके पॉकेट से मिले आईडी कार्ड से हुई, जिससे पता चला कि वह मधेपुरा जिला पुलिस बल में कार्यरत था। पुलिस द्वारा परिजनों और संबंधित जिला पुलिस विभाग को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है। रेल थाना प्रमुख के अनुसार, मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजन रो-रोकर बेहाल हैं और लगातार स्वास्थ्य विभाग तथा रेलवे प्रशासन पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

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