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सहरसा में 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड, निर्दोषों को फंसाने और FIR में हेरफेर का आरोप

सहरसा में कनरिया थाना के तीन पुलिसकर्मियों को निर्दोष लोगों को फर्जी केस में फंसाने और FIR में हेरफेर के आरोप में निलंबित किया गया है। डीआईजी के निर्देश पर यह कार्रवाई जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद की गई।

1st Bihar Published by: RITESH HUNNY Updated Mar 21, 2026, 5:12:16 PM

बिहार न्यूज

गड़बड़ी करने वाले पुलिसवालों पर कार्रवाई - फ़ोटो रिपोर्टर

SAHARSA: सहरसा में 3 पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की गयी है। इनके ऊपर आरोप था कि ये वर्दी का धौंस दिखाकर निर्दोष लोगों को गलत तरीके से केस में फंसाने का काम कर रहे थे। आरोपी सही पाये जाने के बाद डीआईजी के आदेश पर तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। 


दरअसल कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक के निर्देश पर कनरिया थाना से जुड़े तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जनता दरबार में प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें गंभीर अनियमितता और साजिश के तहत कार्रवाई का आरोप लगाया गया था। मिली जानकारी के अनुसार, कोशी क्षेत्र, सहरसा के पुलिस उप-महानिरीक्षक द्वारा आयोजित जनता दरबार में एक आवेदन प्राप्त हुआ था। इस आवेदन पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कराई गई। 


जांच के दौरान यह सामने आया कि कनरिया थाना कांड संख्या 13/2026 में कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा मिलीभगत कर प्राथमिकी में फेरबदल किया गया और निर्दोष लोगों को गलत तरीके से फंसाने का प्रयास किया गया। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। निलंबित किए गए कर्मियों में पु0अनि0 अनिल प्रसाद, चौकीदार अनिल कुमार और चौकीदार दर्शन शामिल हैं, जो कनरिया थाना में पदस्थापित थे। 


सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पुलिस केंद्र, सहरसा में स्थानांतरित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 


पुलिस उप-महानिरीक्षक, कोशी क्षेत्र ने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि पुलिस की शून्य सहिष्णुता नीति के तहत दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।