कोसी दियारा का कुख्यात बदमाश गुद्दर यादव लखीसराय से गिरफ्तार, हत्या–रंगदारी के दर्जनों मामलों में था वांछित

सहरसा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोसी दियारा के कुख्यात अपराधी गुद्दर यादव को लखीसराय से गिरफ्तार किया। आरोपी हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में वांछित था।

1st Bihar Published by: RITESH HUNNY Updated Thu, 08 Jan 2026 03:15:14 PM IST

bihar

पुलिस की कार्रवाई - फ़ोटो REPORTER

SAHARSA: सहरसा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे कुख्यात अंतरजिला अपराधी गुद्दर यादव उर्फ गुड्डर यादव को चिरैया थाना पुलिस ने लखीसराय से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी सम्हारखुर्द पंचायत समिति के पूर्व सदस्य विजय सिंह की सनसनीखेज हत्या का मुख्य आरोपी है। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस ने जहां राहत की सांस ली है, वहीं इलाके के लोगों में सुरक्षा का भाव जागा है। 


दरअसल इन दिनों पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देशानुसार जिले भर में फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में चिरैया थानाध्यक्ष कुंदन कुमार सहनी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर लखीसराय जिले के पिपरिया थाना अंतर्गत मोरबरिया रहुआ में छापेमारी की। पुलिस ने घेराबंदी कर गुद्दर यादव (पिता- स्व. राजेंद्र यादव) को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, गुद्दर यादव एक संगठित आपराधिक गिरोह का सरगना है और सहरसा सहित आसपास के जिलों में आतंक का पर्याय बना हुआ था। 


गिरफ्तार अपराधी गुद्दर यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह चिरैया थाना में दर्ज बीएनएस की गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के मामले में मुख्य आरोपी था। इसके अलावा, लखीसराय के पिपरिया थाना में वर्ष 2009, 2016 और 2017 में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, मारपीट, गोलीबारी और एससी/एसटी एक्ट जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गुद्दर यादव सहरसा और लखीसराय के दियारा व दुर्गम इलाकों में छिपकर रहता था।


वहीं से अपने गिरोह का संचालन करता था और संगठित अपराध को अंजाम देता था। उसकी फरारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। कई बार छापेमारी के बावजूद वह चकमा देकर भागने में सफल रहा था, लेकिन इस बार चिरैया पुलिस की सटीक रणनीति ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। चिरैया थानाध्यक्ष कुंदन कुमार सहनी ने बताया कि गुद्दर यादव की गिरफ्तारी संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि है। इससे उसके गिरोह का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। आरोपी से कड़ी पूछताछ की गई है, जिसमें कई अहम सुराग मिले हैं। पूछताछ के बाद उसे सहरसा न्यायालय में पेशकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।