ब्रेकिंग
राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचा

Bihar News: सहरसा में कोसी का तांडव जारी, कई घर नदी में विलीन

Bihar News: सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में कोसी नदी का कटाव हुआ तेज, घोघसम गांव में कई घर नदी में हुए विलीन। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत कटाव निरोधी कार्य की मांग की है।

Bihar News
सहरसा में कोसी का तांडव
© रिपोर्टर , Google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के घोघसम गांव में कोसी नदी ने मानसून की शुरुआत के साथ ही अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार कोसी के कटाव ने गांव के 40 से अधिक घरों को प्रभावित किया है, जिनमें से कई घर तो नदी में विलीन हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई वीडियोज भी वायरल हो रहे हैं।


ज्ञात हो कि कोसी नदी का जलस्तर 1 जुलाई से ही बढ़ रहा है। जिसके कारण सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नेपाल और उत्तर बिहार में लगातार बारिश ने स्थिति को और भी गंभीर कर दिया है। घोघसम गांव के लोग डरे-सहमे हैं और प्रशासन से तत्काल कटाव निरोधी कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं। पिछले साल कटावरोधी कार्यों ने गांव को कुछ हद तक बचाया था, लेकिन इस बार फिर से खतरा बढ़ गया है।


जल संसाधन विभाग के अनुसार कोसी नदी का जलस्तर सहरसा में खतरे के निशान के करीब है और बक्सर, पटना तथा भागलपुर में गंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है। कोसी बैराज के 56 में से कई गेट खोले गए हैं, जिससे जलस्तर और बढ़ा है। घोघसम में कटाव के कारण फसलों और घरों को भारी नुकसान हुआ है और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से समय पर सहायता नहीं मिल रही है। पिछले साल भी सहरसा के असई गांव में भी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी।


सिमरी बख्तियारपुर के 57 गांवों में से कई घोघसम और कोसी तटबंधों के बीच बसे हैं। यहां हर साल बाढ़ और कटाव का खतरा रहता है। 2008 में कोसी की बाढ़ ने सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और अररिया जैसे जिलों में 27 लाख लोगों को प्रभावित किया था। ग्रामीणों ने मांग की है कि कटाव निरोधी बांधों को मजबूत किया जाए और प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और मुआवजा भी दिया जाए।


रिपोर्ट: रितेश