Bihar News : बिहार के सहरसा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित डुमरा चौक पर ट्रैक्टर के टायर में हवा भरने के दौरान हुए हादसे में एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है, जबकि मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान सोनबरसा प्रखंड के नवटोलिया गांव निवासी **कृष्ण कुमार भगत (35 वर्ष)** के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ रहते थे और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार कृष्ण कुमार अपने शांत स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण इलाके में काफी लोकप्रिय थे।
जानकारी के मुताबिक, रविवार को कृष्ण कुमार डुमरा चौक के पास एक ट्रैक्टर के टायर में हवा भरने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक टायर में अत्यधिक दबाव बनने से जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोग भी सहम गए। टायर फटने के साथ उसका लोहे का रिम तेज गति से उछलकर सीधे कृष्ण कुमार के सिर से जा टकराया।
रिम लगते ही कृष्ण कुमार गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उनके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन और स्थानीय लोग उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद कृष्ण कुमार को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कृष्ण कुमार बेहद मेहनती व्यक्ति थे और परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाते थे। उनकी अचानक हुई मौत से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर शोक-संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को भी जानकारी दी गई। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। प्रारंभिक तौर पर यह हादसा टायर फटने के कारण हुआ बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े वाहनों और ट्रैक्टरों के टायरों में हवा भरते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अधिक दबाव बनने या टायर की तकनीकी खराबी के कारण ऐसे हादसे हो सकते हैं। समय-समय पर टायर और रिम की जांच कराना भी जरूरी होता है ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
फिलहाल कृष्ण कुमार भगत की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों का कहना है कि परिवार के सामने अब आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।




