Purnia Airport : बिहार के सीमांचल इलाके के लिए हवाई कनेक्टिविटी के मोर्चे पर बड़ी खबर सामने आई है। पूर्णिया एयरपोर्ट से जल्द ही मुंबई और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू होने की संभावना है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से मुलाकात कर इन दोनों शहरों के लिए सीधी फ्लाइट शुरू करने की मांग रखी। सांसद के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पूर्णिया-मुंबई और पूर्णिया-बेंगलुरु हवाई मार्ग पर अक्टूबर 2026 तक उड़ान शुरू होने की संभावना है।
अगर यह सेवा शुरू होती है तो पूर्णिया ही नहीं, बल्कि पूरे सीमांचल और आसपास के जिलों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल मुंबई और बेंगलुरु जाने वाले यात्रियों को कई बार पटना या दूसरे एयरपोर्ट तक सड़क या रेल मार्ग से पहुंचना पड़ता है। इसके बाद विमान यात्रा करनी पड़ती है। इस पूरी प्रक्रिया में यात्रियों का अतिरिक्त समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं।
मुंबई-बेंगलुरु कनेक्टिविटी से बदल सकता है सफर का तरीका
मुंबई और बेंगलुरु देश के प्रमुख आर्थिक, औद्योगिक, कारोबारी और रोजगार केंद्र हैं। पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज और सीमांचल के दूसरे इलाकों से बड़ी संख्या में लोग नौकरी, व्यापार, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए इन शहरों की यात्रा करते हैं।
सीधी फ्लाइट शुरू होने के बाद ऐसे यात्रियों को कनेक्टिंग यात्रा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे सफर आसान होने के साथ-साथ यात्रा का समय भी कम हो सकता है। कारोबारियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों के परिजनों के लिए भी सीधी हवाई सेवा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान पूर्णिया एयरपोर्ट से यात्री विमान सेवा शुरू होने का एक साल पूरा होने पर केंद्र सरकार का आभार भी जताया। हालांकि, उन्होंने एयरपोर्ट की मौजूदा सुविधाओं और स्थायी टर्मिनल के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा भी मजबूती से उठाया।
स्थायी टर्मिनल का निर्माण अब तक शुरू नहीं
सांसद ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि 15 सितंबर 2025 को पूर्णिया एयरपोर्ट के नवनिर्मित सिविल एन्क्लेव का उद्घाटन कर हवाई सेवा शुरू की गई थी। लेकिन करीब एक साल बीतने के बावजूद स्थायी सिविल एन्क्लेव के निर्माण का काम जमीन पर शुरू नहीं हो सका है।
उनके अनुसार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से स्थायी टर्मिनल भवन और उससे जुड़ी आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए करीब 294.05 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद ठेकेदार के चयन और वास्तविक निर्माण कार्य की शुरुआत में देरी हो रही है।
पप्पू यादव ने कहा कि टर्मिनल का निर्माण जल्द शुरू होना जरूरी है, क्योंकि उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव भी बढ़ेगा। मौजूदा सुविधाओं के सहारे बड़े स्तर पर हवाई सेवाओं का विस्तार करना मुश्किल हो सकता है।
टर्मिनल, एप्रन और टैक्सीवे बढ़ाने पर जोर
सांसद ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि केवल नई फ्लाइट शुरू कर देना ही पर्याप्त नहीं है। एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए पर्याप्त टर्मिनल, एप्रन, टैक्सीवे और यात्री सुविधाओं का विकास भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आधारभूत ढांचा मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में उड़ानों का व्यापक विस्तार व्यावहारिक रूप से कठिन हो सकता है। इसलिए निर्माण कार्य और नए हवाई मार्गों के विस्तार पर समानांतर रूप से काम किया जाना चाहिए। उन्होंने स्थायी टर्मिनल में आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। बेहतर बैठने की व्यवस्था, प्रतीक्षालय और अन्य जरूरी सुविधाएं यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
सीमांचल की अर्थव्यवस्था को मिल सकती है नई उड़ान
पूर्णिया एयरपोर्ट को केवल यात्री सुविधा के तौर पर नहीं, बल्कि सीमांचल की आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में देखा जा रहा है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों से सीधा हवाई संपर्क बनने पर व्यापार, रोजगार, शिक्षा और निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।
खासकर पूर्णिया और आसपास के जिलों के कारोबारियों को बड़े शहरों तक पहुंचने में आसानी होगी। छात्रों और नौकरी की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं के लिए भी यात्रा सुविधाजनक हो सकती है।
पप्पू यादव ने केंद्र सरकार से एयरपोर्ट से जुड़े सभी निर्माण कार्यों की नियमित उच्चस्तरीय समीक्षा कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने काम की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।
अब सबकी नजर अक्टूबर पर है। अगर निर्धारित समय के आसपास मुंबई और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ान शुरू हो जाती है, तो यह पूर्णिया एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम होगा। लेकिन इसके साथ स्थायी टर्मिनल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ाना होगा, ताकि पूर्णिया एयरपोर्ट आने वाले समय में पूरे सीमांचल की हवाई जरूरतों को पूरी क्षमता के साथ पूरा कर सके।





