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बिहार का वर्ल्ड क्लास हेल्थ सिस्टम देखिए: लाख मिन्नतों के बावजूद नहीं मिला एम्बुलेंस, शव को कंधे पर उठाकर अस्पताल ले गए परिजन

Bihar News: सहरसा सदर अस्पताल में दो मृतकों के शव ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने से परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक शव को कंधे पर उठाकर 500–600 मीटर पैदल ले जाना पड़ा।

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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: सहरसा सदर अस्पताल में गुरुवार को गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। अस्पताल में दो लोगों की मौत के बाद भी शवों को ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 


स्थिति यह रही कि एक मृतक के परिजनों को शव को कंधे पर उठाकर करीब 500 से 600 मीटर दूर पैदल चलकर पोस्टमार्टम रूम तक ले जाना पड़ा, जबकि दूसरे मृतक के परिजन स्ट्रेचर के सहारे शव को पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाते दिखे।


पहला मामला पतरघट थाना क्षेत्र का था। एक बुजुर्ग की मौत के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाई, लेकिन यहां एंबुलेंस नहीं मिलने से प्रक्रिया अटक गई। मृतक छोटे लाल यादव के परिजन प्रवीण कुमार ने बताया कि उन्होंने सरकारी एंबुलेंस की मांग की थी, पर अस्पताल कर्मियों ने साफ कह दिया कि एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है और प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम करना होगा।


प्रवीण कुमार ने कहा, “सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने पर हमें मजबूरन शव को कंधे पर लेकर पैदल पोस्टमार्टम रूम तक पहुंचना पड़ा। अस्पताल में कई एंबुलेंस होने का दावा किया जाता है, लेकिन शव ले जाने के लिए केवल एक एंबुलेंस बताई गई, जो उस समय मौजूद नहीं थी। सरकार को इस पर अविलंब ध्यान देना चाहिए।”


इस घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोग भी नाराज़गी जता रहे हैं और अस्पताल प्रबंधन से जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता