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शादी का झांसा, जेब पर डाका: सहरसा में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़, कॉल सेंटर बनाकर चल रही थी ठगी

Bihar News: सहरसा में शादी का सपना दिखाकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। एक साधारण ऑफिस के पीछे छिपा ऐसा खेल चल रहा था, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे—कैसे युवकों को जाल में फंसाया जा रहा था?

शादी का झांसा, जेब पर डाका: सहरसा में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़, कॉल सेंटर बनाकर चल रही थी ठगी
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार के सहरसा में साइबर पुलिस ने एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो शादी का सपना दिखाकर युवकों को अपने जाल में फंसा रहा था। सदर थाना क्षेत्र के पॉलिटेक्निक ढाला के पास चल रहे इस फर्जी मैरिज ब्यूरो पर छापेमारी के बाद जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया।


कॉल सेंटर बनाकर चल रहा था ‘मैरिज का खेल’

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह “मैरिज लाइन डॉट कॉम” के नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य ऑफिस जैसा लगता था, लेकिन अंदर से यह पूरी तरह ठगी का अड्डा निकला। यहां लड़कियों को बैठाकर फोन कॉल और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाया जाता था।


छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को हिरासत में लिया, जो अलग-अलग शिफ्ट में काम कर रही थीं। पूछताछ में सामने आया कि यह पूरा सेटअप किसी कॉर्पोरेट कॉल सेंटर की तरह चलाया जा रहा था।


सोशल मीडिया पर बिछता था जाल

साइबर डीएसपी अजीत कुमार के अनुसार, गिरोह फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाता था। इन प्रोफाइल में आकर्षक तस्वीरों का इस्तेमाल कर कुंवारे युवकों को टारगेट किया जाता था। जैसे ही कोई युवक बातचीत में फंसता, उसे शादी के लिए तैयार लड़की दिखाकर भरोसा दिलाया जाता। इसके बाद “रजिस्ट्रेशन” या “कॉन्टैक्ट” कराने के नाम पर उससे 1500 रुपये की शुरुआती रकम वसूली जाती थी।


एक बार पैसा देने के बाद पीड़ित को बार-बार अलग-अलग बहानों से और पैसे देने के लिए मजबूर किया जाता था।


मास्टरमाइंड फरार, लड़कियां बनीं ‘कर्मचारी’

पुलिस जांच में इस गिरोह का मुख्य सरगना रंजन कुमार सामने आया है, जो सुपौल का रहने वाला बताया जा रहा है। वह सहरसा में किराए का मकान लेकर इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। हिरासत में ली गई युवतियों में दो सहरसा और एक पूर्णिया की रहने वाली है। उन्होंने बताया कि उन्हें 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी दी गई थी और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वे जिस काम में लगी हैं, वह ठगी का हिस्सा है।


11 लोगों पर केस दर्ज, जांच जारी

पुलिस ने इस मामले में कुल 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि, गिरोह का मुख्य आरोपी रंजन कुमार फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने लोग इस ठगी का शिकार हुए हैं।

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Ramakant kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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