Bihar News: इंडस्ट्रियल हब बनेगा बिहार का यह जिला, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार, सरकार करने जा रही है बड़ा काम

Rohtas Industrial Center: बिहार के रोहतास जिले में सालों से अनुपयोगी पड़ी बंजर और जंगल भूमि अब औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनेगी। नीतीश सरकार ने डेहरी के दक्षिणी हिस्से को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है।

1st Bihar Published by: KHUSHBOO GUPTA Updated Mar 03, 2025, 1:47:07 PM

Rohtas Industrial Center

इंडस्ट्रियल हब बनेगा रोहतास - फ़ोटो google

Rohtas Industrial Center: बिहार का रोहतास जिला एक बार फिर औद्योगिक केन्द्र का हब बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने औद्योगिक केन्द्र बनाने का निर्णय लिया है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए भड़कुड़िया, भलुआड़ी, दुर्गापुर और भटौली गांवों की सरकारी भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित की गई है। डालमियानगर औद्योगिक परिसर में रेलवे वैगन कारखाना स्थापित करने का प्रस्ताव है।


नीतीश सरकार ने डेहरी के दक्षिणी भाग को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है, जिसमें बंजर और बालू भीट वाली सरकारी भूमि को शामिल किया गया है। यह चिन्हित भूमि सासाराम और डेहरी प्रखंड की सीमा पर स्थित है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए भड़कुड़िया, भलुआड़ी, दुर्गापुर और भटौली गांवों की सरकारी भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित की गई है। भलुआड़ी में 23 एकड़ जंगल क्षेत्र, भड़कुड़िया में 13.48 एकड़ बालू भीट, दुर्गापुर में 08.45 एकड़ पुरानी परती भूमि और भटौली में 15.11 एकड़ बालू भीट क्षेत्र को औद्योगिक विकास के लिए अधिगृहित किया गया है। 


आपको बता दें कि पिछले साल दिसंबर में पटना में आयोजित बिहार ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में निवेशकों से मिले प्रस्ताव के बाद इस परियोजना को गति मिली है। सरकार के इस फैसले से डेहरी प्रखंड का दक्षिणी क्षेत्र औद्योगिक रूप से विकसित होगा और एक बार फिर यह जिला रोजगार का केंद्र बनेगा। इसके अलावा, सुअरा हवाई अड्डा परिसर में बियाडा (BIADA) द्वारा टेक्सटाइल पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जबकि डालमियानगर औद्योगिक परिसर में रेलवे वैगन कारखाना स्थापित करने का प्रस्ताव है।


राज्य उद्योग विभाग की टीम ने डेहरी के भड़कुड़िया, भलुआड़ी, दुर्गापुर, भटौली और शिवसागर प्रखंड के तारडीह गांव में लगभग 700 एकड़ सरकारी भूमि का निरीक्षण किया। टीम ने डेहरी में चिन्हित भूमि को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की सिफारिश की थी, जिस पर प्रशासन ने अपनी मुहर लगा दी है।